बरनाला से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों की शपथ में देरी, 9 दिसंबर को बुलाया गया

बरनाला विधानसभा उपचुनाव में जीतने वाले कांग्रेस के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों की शपथ अब तक नहीं ली जा सकी है। जबकि उनके साथ जीते आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन विधायकों ने शपथ ले ली है। पहले विधानसभा की ओर से उन्हें 4 दिसंबर को शपथ लेने का समय दिया गया था, लेकिन अब विधानसभा स्पीकर ने व्यस्तता के कारण उन्हें 9 दिसंबर को शपथ दिलाने के लिए बुलाया है।
जानकारी के अनुसार, 23 नवंबर को चार विधानसभा उपचुनाव के परिणाम घोषित हुए थे, जिनमें बरनाला, डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल और गिद्दड़बाहा सीटें शामिल थीं। बरनाला सीट पर कांग्रेस के कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने जीत हासिल की, जबकि अन्य तीन सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
2 दिसंबर को आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों को शपथ दिलाई गई, लेकिन कांग्रेस विधायक काला ढिल्लों को 4 दिसंबर का समय दिया गया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि आधिकारिक तौर पर विधानसभा से उन्हें शपथ लेने के लिए बुलाया नहीं गया था, जिसके कारण वे शपथ लेने के लिए नहीं पहुंचे। अब 9 दिसंबर को उन्हें विधानसभा में शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह का नियम:
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, विधायकों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया जल्दी से जल्दी पूरी की जाती है, ताकि वे अपने कर्तव्यों का पालन शुरू कर सकें। आम तौर पर, यह प्रक्रिया 10 से 15 दिनों के भीतर पूरी की जाती है।
अगर किसी कारणवश शपथ ग्रहण में देरी होती है, तो यह संबंधित राज्यपाल और विधानसभा प्रशासन की स्थिति और निर्णय पर निर्भर करता है। कभी-कभी, विधानसभा के स्पीकर की व्यस्तता या अन्य प्रशासनिक कारणों से शपथ ग्रहण में देरी हो सकती है। शपथ दिलाने का समय तय करने में विधानसभा के अधिकारियों और राज्यपाल की भूमिका होती है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि जब तक कोई विधायक शपथ नहीं लेता, वह अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकता, जैसे कि विधानसभा सत्र में भाग लेना या अन्य विधायी कार्यों में शामिल होना।










