बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज फिर सुनवाई, जांच का दायरा कई राज्यों तक फैला

चंडीगढ़, 11 अगस्त – शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज एक बार फिर सुनवाई होगी। यह सुनवाई पिछले करीब एक महीने से जारी है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। आज की सुनवाई में दोनों पक्षों के वकील अपने-अपने तर्कों के साथ अदालत में पेश होंगे।
मजीठिया के वकीलों का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और इसके पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है। वहीं, विजिलेंस ब्यूरो इस केस को गंभीर आर्थिक अनियमितता और भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रही है।
गिरफ्तारी और जांच का विस्तार
विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को मजीठिया को उनके अमृतसर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था, जिसमें आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसियों ने इस मामले में अपनी पड़ताल का दायरा पंजाब से बाहर दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक फैला दिया है।
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हिमाचल प्रदेश में मजीठिया की जमीन होने का दावा किया गया है।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में उनकी एक शुगर मिल का पता चला है।
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दिल्ली में भी उनके नाम एक फार्महाउस होने की जानकारी सामने आई है।
इन सभी संपत्तियों और वहां से जुटाए गए दस्तावेजों व सामग्रियों को आगामी चालान का हिस्सा बनाया जाएगा।
गवाहों के बयान
जांच के दौरान छह लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ अहम नाम भी शामिल हैं:
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पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, जिनके कार्यकाल में मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
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ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह, जो मजीठिया की जांच में पहले भी शामिल रहे हैं।
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इसके अलावा चार अन्य गवाह भी हैं, जो कभी मजीठिया के करीबी माने जाते थे।










