सत्यजीत घोष
रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में गांधी प्रतिमा के पास एक परिवार बुधवार को भगवान की मूर्ति को लेकर धरने पर बैठ गया. इच्छा मृत्यु की मांग की बात करते हुए भगवान के साथ धरना दे रहे परिवार की सूचना पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. खबर ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी, लेकिन सच्चाई कुछ और ही निकली. जिस गांव का परिवार धरने पर बैठा था उस गांव के जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें वास्तविकता से अवगत कराया. आइए दिखाते है निजी स्वार्थ के लिए भगवान की आड़ लेने वाले परिवार की पूरी दास्तान.
बुधवार को रायगढ़ तहसील के सल्हेपाली गांव के रहने वाले बैरागी परिवार न्याय की मांग लेकर गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए. उनके साथ भगवान की मूर्ति भी थीं. लिहाज़ा भगवान की मूर्ति के साथ धरना दे रहे परिवार की खबर ने न्यूज चैनलों पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी. खबर ऐसी थीं कि प्रशासन ने भी इस पर तत्काल संज्ञान लिआ. नयब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और धरनारत बैरागी परिवार से चर्चा की. बैरागी परिवार का कहना था कि उनके साथ अन्याय हुआ है इसलिए वह भगवान के साथ धरना दे रहे है. अगर उनको न्याय नहीं मिला तो वे लोग इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे.
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
वहीं इस पूरे धटनाक्रम में तब नया मोड़ आ गया जब जिला प्रशासन ने बैरागी परिवार के उस प्रकरण की वास्तविकता बताई जिसमें न्याय नहीं मिलने की बात को लेकर परिवार के लोग भगवान की मूर्ति के साथ धरने पर बैठे थे. दरअसल सरकारी जमीन पर काबिज इस परिवार ने 77 डिसमिल खाली सरकारी जमीन पर भी कब्ज़ा जमाए हुए था जिसे नयब तहसीलदार ने इनके कब्ज़े से मुक्त करवाया है.
अब इस जमीन को ग्राम पंचायत सरकारी निर्माण के लिए उपयोग में ला रही है जिसके बाद बैरागी परिवार तिलमिला उठा. मामला एसडीम न्यायालय में विचारधीन होने के बावजूद महज अपने निजी स्वार्थ के लिए भगवान को उनके आसान से उठाकर सड़क पर लें आया. बैरागी परिवार के धरने की खबर ज़ब उनके गांव सल्हेपाली तक पहुंची तो गांव के जनप्रतिनिधि विधायक उमेश पटेल के साथ रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेया गोयल से मिलने पहुंचे और वास्तविकता से उन्हें अवगत कराया.
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FIRST PUBLISHED : April 3, 2024, 18:16 IST










