भारतीय किसान यूनियन ने पंजाब बाढ़ राहत में जुटाई मदद, करनाल में मासिक बैठक में लिया अहम फैसला

भारतीय किसान यूनियन ने पंजाब बाढ़ राहत में जुटाई मदद, करनाल में मासिक बैठक में लिया अहम फैसला

करनाल में मासिक बैठक करते हुए भाकियू पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar

करनाल, 2 सितंबर — पंजाब में आई भयंकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को करनाल के किसान भवन में हुई मासिक बैठक में राहत कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेंद्र सिंह घुम्मन ने की।

राहत सामग्री भेजने का फैसला

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के अंदर राशन और जरूरी सामग्री की पहली खेप भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के माध्यम से पंजाब भेजी जाएगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है और तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

प्रदेश अध्यक्ष रतनमान भी बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने किसानों से अपील की कि वे दिल खोलकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करें, ताकि मुश्किल वक्त में वहां के लोगों को राहत मिल सके।

राहत सामग्री के लिए विशेष कैंप

रतनमान ने बताया कि चंडीगढ़ के किसान भवन में राहत सामग्री एकत्रित करने के लिए विशेष कैंप लगाया गया है, जिसकी निगरानी खुद राकेश टिकैत कर रहे हैं।

सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर कड़ी प्रतिक्रिया

बैठक के दौरान किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि सरकार अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

11 सितंबर को बैंक के खिलाफ प्रदर्शन

बैठक में किसान मदन रावल के साथ यूको बैंक द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का मामला भी उठाया गया। किसानों ने निर्णय लिया है कि 11 सितंबर को करनाल में बैंक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें बैंक का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

स्मार्ट मीटर योजना का भी विरोध

बैठक में बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ भी रणनीति बनाई गई। प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि यह योजना किसान और उपभोक्ता विरोधी है और इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। भाकियू के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को इस योजना के खिलाफ जागरूक करेंगे। यह फैसला हाल ही में नरवाना में हुई संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की बैठक में लिया गया है।

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