भिवानी की बहू दर्शना घनघस का गोल्डन पंच: अमेरिका में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में किया भारत का नाम रोशन

भिवानी की बहू दर्शना घनघस का गोल्डन पंच: अमेरिका में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में किया भारत का नाम रोशन

गोल्ड मेडलिस्ट दर्शना घनघस

भिवानी | 14 जुलाई 2025:
हरियाणा के भिवानी जिले के गांव धनाना की बहू दर्शना घनघस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, हौसला और जज़्बा हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में दर्शना ने गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ भारत बल्कि हरियाणा का भी सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

शानदार प्रदर्शन

बातचीत में दर्शना ने बताया कि उन्होंने इस प्रतियोगिता में वियतनाम और आयरलैंड की बॉक्सरों को 5-0 के अंतर से हराया। वहीं फाइनल मुकाबले में अमेरिका की खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देते हुए 3-2 से मात देकर गोल्डन पंच मारा।

दर्शना का सफर

दर्शना ने बताया कि उन्होंने 2013 में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी, जब वह 10वीं कक्षा में पढ़ती थीं। उनके पिता ने उनका टैलेंट पहचाना और उन्हें बॉक्सिंग एकेडमी में दाखिल करवाया। तब से लेकर अब तक दर्शना ने न सिर्फ राज्य और राष्ट्रीय स्तर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाई है।

अब नजरें ओलंपिक पर

दर्शना ने कहा:

“अब मेरा पूरा फोकस ओलंपिक की तैयारी पर है। इसके लिए मैं पूरी मेहनत और लगन से जुटी हूं। बीच में जो भी प्रतियोगिताएं आएंगी, उनमें भी दमदार प्रदर्शन करना चाहती हूं ताकि खुद को और मजबूत बना सकूं।”

गांव और परिवार का मिला समर्थन

उन्होंने बताया कि यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। लेकिन गांववालों का आशीर्वाद, परिवार का सहयोग और खुद पर आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।


दर्शना से सीधा संवाद

सवाल: प्रतियोगिता का आपका सफर कैसा रहा?
दर्शना: ये वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स थे, अमेरिका में हुए। बॉक्सिंग में हिस्सा लिया और सफर शानदार रहा, गोल्ड मेडल जीता।

सवाल: किस-किस देश की खिलाड़ियों से मुकाबला हुआ?
दर्शना: वियतनाम और आयरलैंड की खिलाड़ियों से मेरी श्रेणी में मुकाबले थे। फाइनल में अमेरिका की खिलाड़ी से भिड़ंत हुई।

सवाल: जीत का अंतर क्या रहा?
दर्शना: दोनों शुरुआती मुकाबले 5-0 से जीते। फाइनल कड़ा था, लेकिन 3-2 से जीत दर्ज की।

सवाल: बॉक्सिंग की शुरुआत कब और कैसे हुई?
दर्शना: 2013 में, जब मैं 10वीं में थी। मेरे पिता ने मुझे प्रोत्साहित किया और एकेडमी में दाखिला दिलवाया।

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