रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की शूटिंग पर बवाल, पाकिस्तानी झंडे को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध तेज

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की शूटिंग पर बवाल, पाकिस्तानी झंडे को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध तेज

लुधियाना के खेड़ा गांव में रणवीर सिंह धुरंधर फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar

लुधियाना, 15 जुलाई 2025 — बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की अपकमिंग फिल्म ‘धुरंधर’ की शूटिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक 27 सेकेंड के वीडियो में रणवीर सिंह लुधियाना के खेड़ा गांव में एक मकान की छत पर पाकिस्तानी झंडे के साथ नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और फिल्म का सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया है।


क्या है वायरल वीडियो में?

वीडियो में रणवीर सिंह:

  • एक मकान की छत पर काले कोट में खड़े दिखते हैं।

  • मकान पर पाकिस्तानी झंडा साफ दिखाई देता है।

  • वह फैंस की भीड़ की ओर हाथ हिलाते हैं और बाद में AK-47 लिए हुए छत से नीचे कूदते हैं।

  • वीडियो के अंत में एक ऑयल कंटेनर में विस्फोट होते दिखाया गया है।


सोशल मीडिया पर उठे तीखे सवाल

जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएं:

  • KCP प्रिंस नाम के एक यूजर ने लिखा:

    “बॉलीवुड, दिलजीत से इसलिए नफरत करता है क्योंकि वह दो देशों के बीच शांति चाहते हैं, जबकि बॉलीवुड दो देशों के बीच नफरत चाहता है।”

  • हरमन सिंह सोढ़ी नाम के यूजर ने लिखा:

    “पाकिस्तानी झंडा लगा रखा है। कोई देशद्रोही नहीं बोलेगा?”


क्या कह रही है फिल्म की टीम?

अब तक फिल्म ‘धुरंधर’ की टीम या रणवीर सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह एक स्क्रिप्टेड सीन है और झंडे का उपयोग कहानी की मांग के अनुसार किया गया है — फिल्म में पाकिस्तान या सीमा पार से जुड़ा कोई सीन हो सकता है।

फिल्म निर्माताओं को उम्मीद थी कि शूटिंग पूरी होने तक ऐसे दृश्य पब्लिक डोमेन में नहीं आएंगे, लेकिन वीडियो के लीक होने से स्थिति विवादित हो गई है।


फिल्म का प्लॉट और पृष्ठभूमि

फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि यह फिल्म सीमा पार आतंकवाद, अंडरकवर मिशन या 1971 युद्ध काल की पृष्ठभूमि पर आधारित हो सकती है। ऐसे में पाकिस्तानी झंडे का इस्तेमाल फिल्म के सिचुएशन का हिस्सा हो सकता है, न कि किसी विचारधारा का प्रचार।


विवाद का असर और आगे की राह

पंजाब में शूटिंग के दौरान इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जहां फिल्मी सीन को वास्तविकता समझ लिया गया और विरोध शुरू हो गया। अब सवाल उठता है कि क्या:

  • फिल्म यूनिट ने स्थानीय प्रशासन से शूटिंग की इजाजत लेते समय झंडे या प्रतीकों के इस्तेमाल की जानकारी दी थी?

  • क्या वीडियो के लीक होने से पहले स्थानीय लोगों को जानकारी दी गई थी कि यह एक फिल्मी सीन है?

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