राजस्थान के बीकानेर में कमीशनखोरी का मामला: CBI ने चार्जशीट दाखिल की

राजस्थान के बीकानेर में कमीशनखोरी का मामला: CBI ने चार्जशीट दाखिल की

जिला अदालत चंडीगढ़। - Dainik Bhaskar

बीकानेर, 12 अप्रैल – राजस्थान के बीकानेर में स्थित सेना के एक सेंटर में टेंडर दिलाने के नाम पर हुई कमीशनखोरी के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला बीकानेर कैंट स्थित सेना की यूनिट में सुरक्षा उपकरणों की सप्लाई से जुड़ा हुआ है। सीबीआई की जांच में चंडीगढ़ की एक प्राइवेट फर्म, सेना के अफसरों, जवानों और रक्षा लेखा विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है।

सीबीआई चार्जशीट में क्या है? सीबीआई ने इस मामले में चंडीगढ़ स्थित विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कॉल रिकॉर्डिंग, रकम का ब्योरा और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के ठोस सबूत पेश किए गए हैं। जांच में सामने आया कि चंडीगढ़ की एमके एजेंसीज को सेना के लिए फ्लैप बैरियर, फुल हाई टर्न स्टाइल गेट्स और उनके सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर की सप्लाई का 24.77 लाख रुपए का टेंडर मिला था।

कमीशन का खेल चार्जशीट में यह बात भी सामने आई है कि कंपनी के मालिक ने इस टेंडर के एवज में 87 हजार रुपए का कमीशन दिया। इसमें से करीब 49,500 रुपए को साउथ वेस्टर्न कमांड, जयपुर के इंटिग्रेटेड फाइनेंशियल एडवाइजर को दिया गया, जबकि बाकी की राशि प्रिंसिपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स से जुड़े अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

जेम पोर्टल और गोपनीयता उल्लंघन सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि जेम पोर्टल के नियमों को ताक पर रखते हुए टेंडर प्रक्रिया की गोपनीय जानकारी लीक की गई थी। टेंडर पास कराने के लिए कंपनी के मालिक ने पहले से संपर्क किए बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत देने का खेल चलाया। इसके बावजूद, सेना के अन्य कार्यालयों ने एमके एजेंसीज की फाइल पर कोई आपत्ति नहीं उठाई, जिससे प्रक्रिया में अनियमितताओं का मार्ग प्रशस्त हुआ।

यह मामला एक गंभीर भ्रष्टाचार का संकेत है और सीबीआई ने अपनी जांच में कई प्रमुख अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर की है।

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