राव इंद्रजीत की डिनर डिप्लोमेसी से हरियाणा की सियासत में हलचल, दक्षिणी विधायकों की एकजुटता पर अटकलें तेज

राव इंद्रजीत की डिनर डिप्लोमेसी से हरियाणा की सियासत में हलचल, दक्षिणी विधायकों की एकजुटता पर अटकलें तेज

राव इंद्रजीत सिंह के डिनर में 11 भाजपा और 1 कांग्रेस विधायक शामिल हुई थी।-फाइल - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़/रेवाड़ी, 1 जुलाई 2025:
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की डिनर डिप्लोमेसी ने हरियाणा की सियासत में हलचल मचा दी है। चंडीगढ़ में उनकी बेटी आरती राव के आवास पर आयोजित रात्रिभोज में दक्षिणी हरियाणा के 11 भाजपा और एक कांग्रेस विधायक की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दे दी है। इस मुलाकात को अहीरवाल बेल्ट की एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

यह डिनर ऐसे वक्त पर हुआ है जब मुख्यमंत्री नायब सैनी और राव इंद्रजीत सिंह के बीच संबंधों में तनाव की चर्चाएं चल रही हैं। 15 जून को रेवाड़ी में आयोजित धन्यवाद रैली के मंच से राव इंद्रजीत ने सीएम सैनी को सार्वजनिक रूप से याद दिलाया था,

“मुख्यमंत्री जी, हमने आपकी सरकार बनाई है, हमारा हक बनता है, हमारा काम किया जाए।”

इसके जवाब में सीएम सैनी ने मंच से कहा था,

“हम किसी जाति की नहीं, पौने तीन करोड़ लोगों की सरकार हैं। यह रिश्ता राजनीतिक नहीं, दिल का है।”

हालांकि उनके जवाब को संतुलित माना गया, लेकिन सियासी संदेश स्पष्ट था।

दक्षिण हरियाणा की अहम भूमिका

दक्षिण हरियाणा, खासकर अहीरवाल बेल्ट, में बीजेपी का वर्चस्व है। 2024 के विधानसभा चुनावों में यहां से भाजपा ने 17 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 6 सीटों से संतोष करना पड़ा था। लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने में इस क्षेत्र की भूमिका निर्णायक रही है।

अब राव इंद्रजीत की अगुवाई में विधायकों की यह एकजुटता सवाल खड़े कर रही है –
क्या यह सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति है?
या फिर अहीरवाल नेताओं की सत्ता में हिस्सेदारी और क्षेत्रीय विकास को लेकर नया समीकरण गढ़ा जा रहा है?

डिनर से उठे सियासी संकेत

जानकारों का मानना है कि राव इंद्रजीत का यह डिनर सिर्फ एक सामाजिक बैठक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश है। अहीरवाल बेल्ट में खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे विधायकों की यह बैठक सीएम सैनी के लिए एक स्पष्ट संकेत हो सकती है कि दक्षिण हरियाणा की मांगों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

हालांकि अभी तक भाजपा हाईकमान की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दिल्ली दरबार तक इस डिनर की गूंज पहुंच चुकी है।

Leave a Comment

और पढ़ें