लाहौल स्पीति: मनाली-लेह हाईवे पर हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से पर्यटक की मौत, प्रशासन ने दी चेतावनी

लाहौल स्पीति: मनाली-लेह हाईवे पर हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से पर्यटक की मौत, प्रशासन ने दी चेतावनी

प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar

लाहौल स्पीति, 2 जून — हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में स्थित मनाली-लेह नेशनल हाईवे पर रविवार को एक पर्यटक की हाई एल्टीट्यूड सिकनेस (उच्च ऊंचाई पर बीमारी) से मौत हो गई। मृतक की पहचान वरिंदरजीत पंधेर (54 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पटियाला (पंजाब) के अमन बाग कॉलोनी के निवासी थे। वे अपनी पत्नी गुरप्रीत पंधेर और बेटी हरजोबन पंधेर के साथ घूमने आए थे।

बीमार होने के बाद रास्ते में तोड़ा दम

पुलिस के अनुसार, परिवार लेह से लौटते समय दारचा पहुंचा, जहां वरिंदरजीत की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार देकर केलांग अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

बताया गया कि 31 मई को भी वरिंदरजीत की तबीयत खराब हो गई थी, लेकिन स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी। दारचा में ऑक्सीजन लेवल गिरने के बाद उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ा।

28 मई को निकले थे लेह यात्रा पर

वरिंदरजीत पंधेर आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। वे 28 मई को परिवार सहित लेह के लिए रवाना हुए थे। 28 की रात मनाली में और 29 मई को लेह की ओर रवाना हुए। लेह में उन्होंने पांग में ठहराव किया। लौटते वक्त उनकी पत्नी गाड़ी चला रही थीं। रास्ते में ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी ने उनकी जान ले ली।


दारचा और आगे के क्षेत्रों में ऑक्सीजन की भारी कमी

दारचा समुद्र तल से 11,023 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से आगे ग्राम्फू से लोसर तक का क्षेत्र ऑक्सीजन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इन इलाकों में अभी भी बर्फबारी हो रही है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर और भी गिर गया है।

प्रशासन की चेतावनी और सुझाव:

लाहौल स्पीति जिला प्रशासन ने पर्यटकों को ऊंचाई पर यात्रा करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से बचने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और फर्स्ट एड किट साथ रखें।

  • जिन लोगों को सांस संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें दारचा से आगे की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • पानी का सेवन नियमित रूप से करते रहें। यह रक्त में ऑक्सीजन के परिवहन में मदद करता है।

  • इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क भी नहीं रहता, जिससे आपातकालीन सहायता मिलना मुश्किल हो सकता है।

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