लुधियाना ईस्ट में सतलुज नदी का कहर: ससराली बांध कमजोर, 14 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराया

पंजाब के लुधियाना जिले में सतलुज नदी के तेज बहाव से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। ईस्ट लुधियाना के ससराली बांध का कुछ हिस्सा बह जाने के बाद बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। प्रशासन, सेना, NDRF और स्थानीय लोग मिलकर हालात को काबू में लाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
बांध कमजोर, वैकल्पिक व्यवस्था शुरू
ससराली बांध के कुछ हिस्से के बहने और कमजोर होने के बाद 700 मीटर दूर एक नया वैकल्पिक बांध बनाया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
14 गांव और 50 हजार लोग खतरे में
अगर सतलुज का जलस्तर और बढ़ा, तो लुधियाना के 14 गांवों में पानी घुसने की आशंका है।
प्रभावित होने वाले इलाके:
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राहों रोड
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टिब्बा रोड
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ताजपुर रोड
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नूरवाला रोड
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समराला चौक
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साहनेवाल के धनांसू इलाका
यह क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं, जहां से 50,000 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका है।
DC हिमांशु जैन ने किया दौरा
लुधियाना के उपायुक्त हिमांशु जैन ने शुक्रवार को खुद मौके पर पहुंचकर बांध की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा:
“प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जनता अफवाहों पर ध्यान न दे और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करे।”
भाखड़ा डैम के चार गेट खुले
इसी बीच, भाखड़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान 1680 फीट के करीब पहुंच गया है।
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वर्तमान जलस्तर: 1678.74 फीट
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चार गेट 10-10 फीट तक खोले गए
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पानी की आमद: 76,318 क्यूसेक
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पानी की निकासी: 80,792 क्यूसेक
डैम से पानी छोड़े जाने के कारण सतलुज में जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
प्रशासन की अपील:
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अफवाहों पर विश्वास न करें
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सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
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स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें










