लुधियाना में आरटीए दफ्तर में विजिलेंस रेड, दलालों और कर्मचारियों की साठगांठ पर कार्रवाई
लुधियाना में रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) दफ्तर में हुई विजिलेंस रेड के दौरान पकड़े गए दलालों के संबंध में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इन दलालों के साथ आरटीए दफ्तर के एक महिला और पुरुष कर्मचारी की साठगांठ थी, जिसके चलते इन दोनों कर्मचारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपी: विजिलेंस टीम ने पहले तीन दलालों – पंकज अरोड़ा उर्फ सनी, दीपक कुमार, और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया था। इन पर रिश्वत लेने के आरोप थे, जो 1,500 से लेकर 3,500 रुपये तक की मांग करते थे। इसके अलावा, तारिफ अहमद अंसारी और हनी अरोड़ा को भी रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से तारिफ अहमद ने 7,000 रुपये और हनी अरोड़ा ने 500 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी: पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने आरटीए दफ्तर की महिला ऑपरेटर लखबीर कौर लक्की और पुरुष ऑपरेटर पुनीत के नाम उजागर किए, जिनकी गिरफ्तारी भी की गई। ये दोनों कर्मचारी कथित तौर पर रिश्वतखोरी में शामिल थे और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
विजिलेंस टीम की जांच: विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल की जांच शुरू कर दी है और कुछ रुपयों की एंट्री इन खातों में मिली है, जिससे इनके खिलाफ मामला और मजबूत हो गया है। इसके अलावा, विजिलेंस टीम आरोपियों के मोबाइल फोन भी जांच कर रही है, ताकि और भी महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त किए जा सकें। इन फोन की फोरेंसिक जांच की जा रही है और इससे जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी निकाले जा रहे हैं, जिससे और लोगों की पहचान हो सकती है जो इस भ्रष्टाचार में शामिल हो सकते हैं।
आगे की कार्रवाई: विजिलेंस टीम ने आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजने के बाद अदालत में पेश करने की योजना बनाई है, जहां उनका रिमांड प्राप्त किया जाएगा। इसके साथ ही, जांच में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम की महत्वपूर्ण पहल को दर्शाती है और भ्रष्टाचार के जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।