लुधियाना में यूट्यूबर की अभद्र टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग तेज, प्रवासी मजदूरों की हड़ताल की चेतावनी

लुधियाना में यूट्यूबर की अभद्र टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग तेज, प्रवासी मजदूरों की हड़ताल की चेतावनी

सोमवार को लुधियाना में प्रेसवार्ता कर जानकारी देते पूर्वांचल समाज के लोग। - Dainik Bhaskar

लुधियाना, 30 सितंबर 2025: लुधियाना में पूर्वांचल समाज की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले यूट्यूबर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आज मंगलवार शाम को उस चार दिन के अल्टीमेटम की मियाद खत्म हो रही है, जो पूर्वांचल समाज के नेताओं ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए दिया था।

समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आज शाम तक कार्रवाई नहीं हुई, तो बुधवार को हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर काम छोड़कर सड़कों पर उतर आएंगे। इससे लुधियाना की फैक्ट्री यूनिट्स, उत्पादन और व्यापार पूरी तरह ठप हो सकता है।


पुलिस ने बुलाई बैठक, लेकिन कार्रवाई नहीं

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है। हालांकि समाज के नेता कार्रवाई में हो रही देरी से नाराज़ हैं।


चितरंजन कुमार का बयान: “पुलिस चुप क्यों है?”

अखिल भारतीय मजदूर कौंसिल पंजाब के अध्यक्ष और पूर्वांचल समाज के प्रमुख नेता चितरंजन कुमार ने सवाल उठाया कि,

“जिस व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से पूर्वांचल समाज की महिलाओं को अपशब्द कहे हैं, उसके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वीडियो में सब कुछ स्पष्ट है, फिर भी FIR या गिरफ्तारी नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।”


7 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर कर रहे हैं लुधियाना में काम

चितरंजन कुमार के अनुसार, लुधियाना की फैक्ट्रियों में काम करने वाले 95% मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार से आते हैं। इनकी संख्या 7 लाख से अधिक बताई जा रही है।
अगर ये सभी मजदूर हड़ताल पर उतरते हैं, तो इसका सीधा असर लुधियाना की औद्योगिक गतिविधियों और निर्यात पर पड़ेगा।


क्या है मामला?

  • एक लोकल यूट्यूबर ने अपने चैनल पर वीडियो के जरिए पूर्वांचल समाज की महिलाओं को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

  • वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे समुदाय में आक्रोश फैल गया।

  • पूर्वांचल समाज ने तुरंत पुलिस से FIR और गिरफ्तारी की मांग की थी।


अगला कदम?

अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन और मंगलवार शाम की समयसीमा पर टिकी हैं।
यदि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो बुधवार को लुधियाना में एक बड़ा मज़दूर आंदोलन देखने को मिल सकता है।

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