लुधियाना में AAP का प्रदर्शन, SYL मुद्दे पर BJP पर गरजे आप नेता, रवनीत बिट्टू का पुतला फूंका

लुधियाना में AAP का प्रदर्शन, SYL मुद्दे पर BJP पर गरजे आप नेता, रवनीत बिट्टू का पुतला फूंका

लुधियाना में भाजपा के कार्यलय के बाहर केन्द्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का पुतला जलाने पहुंचे आप कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया, विधायक अशोक पराशर व अन्य। - Dainik Bhaskar

लुधियाना, 1 मई 2025 – पंजाब के लुधियाना में बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) की जिला लीडरशिप ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आप नेताओं ने भाजपा के जिला कार्यालय का घेराव करते हुए ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और केन्द्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का पुतला फूंका। साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के खिलाफ भी तीखी नारेबाजी की गई।

प्रदर्शन के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने आरोप लगाया कि बिट्टू पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं और SYL नहर का पानी हरियाणा को देने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब का पानी पंजाब का है, एक बूंद भी हरियाणा को नहीं दी जाएगी।”

पानी विवाद की पृष्ठभूमि

पंजाब और हरियाणा के बीच पानी का विवाद पुराना है, जिसकी जड़ें 1981 में हुए एक समझौते में हैं। इस समझौते के तहत भाखड़ा नहर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को पानी दिया जाता है। अब तक पंजाब हरियाणा को रोज़ाना 9,500 क्यूसिक पानी देता था, लेकिन 15 दिन पहले इसे घटाकर 4,000 क्यूसिक कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पानी के वितरण का वार्षिक चक्र 21 मई से शुरू होता है और हरियाणा ने अपना कोटा मार्च में ही खर्च कर दिया है। “हम केवल 4,000 क्यूसिक पानी इसलिए दे रहे हैं ताकि पेयजल की समस्या न हो,” मान ने स्पष्ट किया।

केंद्र और हरियाणा की प्रतिक्रिया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर इस फैसले को अनुचित बताया और कहा कि पंजाब को हरियाणा को पूरा पानी देना होगा। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने इस संबंध में दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की है। अब संभावना है कि इस विवाद में केंद्र सरकार भी हस्तक्षेप कर सकती है।

CM सैनी ने कहा कि “मान सरकार ने किसानों और केंद्र के बीच चल रही बातचीत को भटकाने के लिए यह मुद्दा उछाला है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब के अधिकारी हरियाणा के अधिकारियों के संपर्क में नहीं हैं और समन्वय की कमी से स्थिति और बिगड़ रही है।

हरियाणा पर असर

अगर पानी की आपूर्ति में कटौती जारी रही तो हरियाणा के हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक और महेंद्रगढ़ जिलों में 20 मई तक पेयजल और सिंचाई संकट गहरा सकता है। हालांकि 22 मई से नए कोटे की शुरुआत के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

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