लुधियाना: संयुक्त किसान मोर्चा ने शांति मार्च निकाला, जंग और आतंकवाद के खिलाफ जताया विरोध

लुधियाना: संयुक्त किसान मोर्चा ने शांति मार्च निकाला, जंग और आतंकवाद के खिलाफ जताया विरोध

डीसी दफ्तर के बाहर भारत पाकिस्तान की जंग के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए किसान नेता।

लुधियाना, 14 मई 2025 – आज लुधियाना में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) द्वारा शांति मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) लक्खोवाल के नेता अवतार सिंह महलों ने किया। किसान डीसी कार्यालय के सामने एकत्रित हुए, जहां से आतंकवाद और जंग के खिलाफ पैदल मार्च निकाला। यह मार्च डीसी दफ्तर से भारत नगर चौक तक आयोजित किया गया।

किसान नेता इंद्रजीत सिंह ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों और कॉर्पोरेट घरानों को यह समझना चाहिए कि युद्ध से केवल विनाश होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध के कारण दोनों पक्षों के लोग मारे जाएंगे। उनका कहना था कि आज का यह प्रदर्शन इस उद्देश्य से किया गया है कि दोनों देशों की सरकारें युद्ध को रोकें और शांति का मार्ग अपनाएं।

ऑपरेशन सिंदूर पर किसानों की राय

किसान नेता राजिंद्र सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात करते हुए कहा कि आतंकवादियों को मार गिराना सही कदम है, क्योंकि उन्होंने निर्दोष लोगों की जान ली थी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युद्ध शुरू होता है, तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। उनका कहना था कि युद्ध के कारण कई महिलाओं का सिंदूर मिट जाएगा। उन्होंने दोनों देशों को भाईचारे का संदेश देने और शांति बनाए रखने की अपील की।

शांति और एकता का आह्वान

भारतीय किसान यूनियन (एकता डकोंदा) के जिला प्रधान जगतार सिंह ने कहा कि यह रैली युद्ध के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कोई भी युद्ध नहीं चाहता और हमें देश को खुशहाल बनाए रखने के लिए युद्ध से बचना चाहिए। उनका कहना था कि बॉर्डर पर जो सैनिक लड़ रहे हैं, वे हमारे अपने बच्चे हैं, और ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर लोगों को युद्ध में धकेलने से दोनों देशों की महिलाओं का सिंदूर मिट सकता है।

यह शांति मार्च किसानों की शांति, एकता और युद्ध के खिलाफ आवाज़ उठाने का एक प्रयास था, जो दोनों देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करने का आह्वान करता है।

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