लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू केस: मोहाली कोर्ट ने पॉलीग्राफ टेस्ट पर लगाई अंतरिम रोक, 28 अप्रैल को अगली सुनवाई

लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू केस: मोहाली कोर्ट ने पॉलीग्राफ टेस्ट पर लगाई अंतरिम रोक, 28 अप्रैल को अगली सुनवाई

लॉरेंस इंटरव्यू मामला। - Dainik Bhaskar
पुलिसकर्मियों ने वापस ली सहमति, वकील बोले- दबाव में दी गई थी इजाज़त

मोहाली: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कथित पुलिस कस्टडी इंटरव्यू मामले में नया मोड़ सामने आया है। मोहाली की अदालत ने पांच पुलिसकर्मियों के पॉलीग्राफ टेस्ट पर रोक लगाते हुए मामले में नोटिस जारी किया है। इस केस की अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को होगी।

पुलिसकर्मियों ने वापस ली पॉलीग्राफ टेस्ट की सहमति
अदालत में पेश की गई पुनरीक्षण याचिका में पुलिसकर्मियों के वकील सुल्तान सिंह संघा ने दलील दी कि उनके मुवक्किलों ने पहले सहमति दी थी, लेकिन वो दबाव में दी गई थी, क्योंकि उस वक्त एक वरिष्ठ एडीजीपी रैंक अधिकारी भी अदालत में मौजूद था। संघा ने यह भी बताया कि सहमति दर्ज करवाते समय पुलिसकर्मियों के साथ कोई वकील नहीं था, जो कि प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

जांच एजेंसियों को है अंदरूनी मिलीभगत का शक
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को संदेह है कि जेल में हुआ इंटरव्यू किसी आंतरिक मिलीभगत के बिना संभव नहीं था। इसी कारण पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पुलिस या जेल स्टाफ में से किसी ने मीडिया को लॉरेंस बिश्नोई तक पहुंचाया या नहीं।

क्या है मामला?
3 अप्रैल 2022 को खरड़ के सीआईए पुलिस स्टेशन में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का एक इंटरव्यू हुआ था, जो करीब डेढ़ साल बाद एक टीवी चैनल पर वायरल हो गया। इस मामले के सामने आने के बाद पंजाब सरकार हरकत में आई और डीएसपी गुरशेर सिंह संधू सहित 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।

सस्पेंड किए गए अधिकारी और कर्मी:

  • डीएसपी गुरशेर सिंह संधू (स्पेशल ऑपरेशन सेल)

  • डीएसपी समरन वनीत (पीपीएस)

  • एसआई रीना (सीआईए खरड़)

  • एसआई एलआर जगतपाल जग्गू (एजीटीएफ)

  • एसआई एलआर शगनजीत सिंह

  • एएसआई मुख्तियार सिंह

  • हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश

इन सभी पर ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता का आरोप है। अब देखना होगा कि 28 अप्रैल की सुनवाई में अदालत क्या रुख अपनाती है।

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