सोनीपत: डीसी के पीए शशांक के रिश्वत मामले में 76 कर्मचारियों के नए नाम सामने आए

सोनीपत: डीसी के पीए शशांक के रिश्वत मामले में 76 कर्मचारियों के नए नाम सामने आए

एसीबी की टीम के साथ आरोपी शशांक शर्मा। - Dainik Bhaskar

सोनीपत: डीसी के पीए शशांक शर्मा के खिलाफ रिश्वतखोरी मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। अब तक, 76 कर्मचारियों के नाम सामने आ चुके हैं, जो इस मामले से जुड़ी भ्रष्टाचार गतिविधियों में शामिल हैं। एसीबी (अंति भ्रष्टाचार ब्यूरो) की जांच के तहत, इन कर्मचारियों का लेन-देन सामने आया है और एसीबी इन कर्मचारियों के अकाउंट की हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन पैसों का लेन-देन किसलिए किया गया था।

पिछले खुलासे और अब बढ़ते नाम

पहले 8 कर्मचारियों के नाम सामने आए थे, जिनमें नाजिर शाखा, सहायक हरीश कुमार, DITS ऑपरेटर अनूप सिंह, अखिल, दीपांशु और ड्राइवर प्रवीण कुमार शामिल थे। लेकिन अब जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, ये लिस्ट और लंबी होती जा रही है। नाम सामने आते ही कुछ कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं, तो कुछ ने बीमारी का बहाना बना लिया है।

शशांक का कोर्ट में पेशी

शशांक शर्मा को 5 जुलाई को सोनीपत की कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां जांच में मिले सबूतों को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। इस मामले के खुलासे ने पूरे डीसी कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया है।

राजनीतिक संरक्षण का आरोप

एडवोकेट राजेश दहिया ने खुलासा किया कि आरोपी शशांक शर्मा पिछले 8 वर्षों से डीसी कार्यालय की एक ही सीट पर कार्यरत था। उनका कहना है कि शशांक को इस पद पर बनाए रखने के पीछे कुछ राजनीतिक रसूखदारों का हाथ था। 8 वर्षों तक एक ही स्थान पर बने रहना, कहीं न कहीं सत्ता के संरक्षण की ओर इशारा करता है।

भ्रष्टाचार के बड़े आरोप

शशांक पर करोड़ों रुपए के लेन-देन और घूसखोरी के गंभीर आरोप हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, डीसी ऑफिस के भीतर फैले भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं। 76 कर्मचारियों का नाम सामने आ चुका है, जिनमें ड्राइवर से लेकर अधिकारी तक शामिल हैं।

यह मामला सोनीपत में प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े सवाल खड़ा करता है और इसका असर आने वाले दिनों में राजनीतिक स्तर पर भी हो सकता है।

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