सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद घर से भागी लड़की का मामला बाल कल्याण समिति के पास, परिजन बोले- ‘धमकाया जा रहा है’, लड़की बोली- ‘मैं बालिग हूं, वापस नहीं जाना’

खंडवा, मध्य प्रदेश। पंजाब के लुधियाना से आए एक दंपती इन दिनों खंडवा की एक धर्मशाला में ठहरे हुए हैं, जहां वे अपनी बेटी को वापस घर ले जाने की कोशिश में लगे हैं, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद घर छोड़कर आ गई है। मामला बाल कल्याण समिति (CWC) तक पहुंच चुका है, लेकिन स्थिति उलझती जा रही है क्योंकि लड़की खुद को बालिग बताकर परिजनों के साथ जाने से इनकार कर रही है।
दंपती का आरोप: NGO वर्कर बनकर आया एक व्यक्ति, धमकियां दीं
लड़की के माता-पिता का कहना है कि जब वे अपनी बेटी को लेने के लिए खंडवा पहुंचे, तब एक व्यक्ति NGO वर्कर बनकर उनसे मिला। उसने बेटी की सुपुर्दगी दिलवाने का भरोसा दिया और कुछ दस्तावेजों की फोटो कॉपी ले गया, लेकिन बाद में फोन पर धमकाने लगा।
दंपती के अनुसार, उस शख्स ने कहा,
“अपने घर वापस चले जाओ, वरना तुम्हें पाकिस्तान भेज दूंगा।”
लड़की का पक्ष: बालिग हूं, करियर बनाना चाहती हूं
बाल कल्याण समिति, खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने बताया कि लड़की 27 अगस्त को अकेले आई थी और कहा कि वह पंजाब से भागकर आई है।
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वह रेलवे स्टेशन के पास रो रही थी, एक ऑटो चालक उसे बाल कल्याण समिति छोड़ गया।
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लड़की का कहना है:
“मैं 27 जून 2025 को 18 साल की हो गई हूं।
परिजन मुझे टॉर्चर करते हैं, इसलिए उनके पास नहीं जाना चाहती।
मैं अपना करियर बनाना चाहती हूं।” -
उसे वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया है।
माता-पिता का दावा: लड़की नाबालिग है, दस्तावेज दिए लेकिन पुलिस में रिपोर्ट नहीं
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दंपती के अनुसार, लड़की 27 मई को घर से भागी थी।
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उन्होंने बाल कल्याण समिति को बताया कि धमकियों के कारण FIR दर्ज नहीं करवा सके।
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वे अब लड़की की उम्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वह सिर्फ 13 साल की है।
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उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी सौंपी है, लेकिन कोई आधार कार्ड या मार्कशीट नहीं दी गई।










