स्तनपान के दौरान शराब पीने के प्रभाव: क्या यह माँ और बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है?
राधिका आप्टे की हाल ही में शेयर की गई तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर मचे हंगामे को देखते हुए यह सवाल उठता है कि क्या सच में स्तनपान के दौरान शराब पीना माँ और बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है।
स्तनपान के दौरान शराब पीने के प्रभाव:
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शराब का शरीर पर प्रभाव: शराब मां के रक्तप्रवाह में तेजी से प्रवेश करती है और उसके बाद यह दूध में भी पहुँच जाती है। जब माँ शराब पीती है, तो यह उसके शरीर के साथ-साथ उसके स्तन के दूध में भी अवशोषित हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप, अगर माँ ने शराब का सेवन किया है, तो बच्चे को यह शराब का असर मिल सकता है।
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बच्चे पर असर: नवजात और छोटे बच्चों का लिवर (जिगर) पूर्ण रूप से विकसित नहीं होता है, इसलिए वे शराब को जल्दी से प्रोसेस नहीं कर पाते हैं। इस कारण से, बच्चे में नर्वस सिस्टम, मानसिक विकास और अन्य शारीरिक प्रभाव हो सकते हैं। इसके अलावा, शराब के कारण बच्चे को नींद में खलल, चिड़चिड़ापन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
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स्तनपान में देरी: शराब माँ के दूध की उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। शराब के सेवन से मां के शरीर में ऑक्सीटोसिन (जिसे ‘लव हार्मोन’ भी कहा जाता है) की स्तर कम हो सकता है, जिससे दूध का उत्पादन कम हो सकता है। इससे माँ को दूध पिलाने में समस्याएं हो सकती हैं।
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आदर्श स्थिति: डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि स्तनपान के दौरान शराब से बचना चाहिए। यदि कोई माँ शराब पीना चाहती है, तो उसे 2-3 घंटे का अंतराल रखना चाहिए ताकि शराब का असर शरीर से खत्म हो जाए और फिर वह बच्चे को दूध पिला सके।











