पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित शिफ्ट अटेंडेंट की भर्ती मामले में 21 जनवरी को अंतिम सुनवाई करने का फैसला लिया है। अदालत ने इस भर्ती से जुड़ा रिकॉर्ड सील करने का आदेश दिया था और इसके लिए एक लोकल कमिश्नर को नियुक्त किया था। लोकल कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की है, जिसके बाद अब इस मामले की सुनवाई 21 जनवरी को होगी।
इस मामले की सुनवाई 14 जनवरी को हुई थी, जब हरियाणा सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट बलदेव राज महाजन ने कहा था कि लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट अभी तक प्रतिवादीगण (प्रतिवादियों) को नहीं मिली है, और बिना रिपोर्ट के दलीलें पेश करना संभव नहीं था। अदालत ने इस पर लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट याचिकाकर्ता और प्रतिवादीगण को दे दी। अदालत ने यह भी कहा था कि अब कोई और स्थगन (टालमटोल) नहीं मिलेगा और 21 जनवरी को अंतिम सुनवाई होगी।
पूरा मामला क्या है?
2016 में, HSSC ने 2426 शिफ्ट अटेंडेंट पदों के लिए भर्ती निकाली थी, और इसके तहत लिखित परीक्षा 2016 में हुई थी। परीक्षा का परिणाम 30 अप्रैल 2017 को घोषित किया गया, उसके बाद 5 मई 2017 से 11 मई 2017 तक दस्तावेज़ों की जांच की गई, और 24 अगस्त 2017 से 29 अगस्त 2017 तक साक्षात्कार आयोजित किए गए थे। याचिकाकर्ता आनंद और अन्य ने कोर्ट में यह दलील दी कि भर्ती की प्रक्रिया के दौरान चयन के मानदंडों को अचानक बदल दिया गया, जब चयन अंतिम चरण में था और परिणाम घोषित होने वाला था।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि साक्षात्कार के बाद मानदंड बदलकर वेटेज (वजन) का दायरा पूरी तरह से बदल दिया गया था। इसके कारण कई उम्मीदवारों को चयनित किया गया, जिनके पास अधिक अनुभव था, जबकि याचिकाकर्ताओं के अधिकारों को नुकसान हुआ, क्योंकि यदि अनुभव का वेटेज नहीं दिया जाता, तो वे चयनित हो सकते थे।
रिकॉर्ड सील करने का आदेश
अदालत ने जुलाई 2024 में आदेश दिया था कि शिफ्ट अटेंडेंट भर्ती से संबंधित पूरी चयन प्रक्रिया का रिकॉर्ड तुरंत सील किया जाए, भले ही इसका रिकॉर्ड अन्य विभागों के पास हो। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि यह पाया गया कि चयन प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने अनुभव प्रमाणपत्र प्राप्त किए थे, जिन्हें साक्षात्कार के बाद चयनित किया गया था, जो कि प्रक्रिया के नियमों के खिलाफ था।
अब, इस मामले की अंतिम सुनवाई 21 जनवरी को होगी, जहां अदालत सभी दलीलों के आधार पर अपना निर्णय देगी।