हरियाणा की राजनीति में “डिनर डिप्लोमेसी”: आरती राव के घर हुए डिनर से बढ़ी सामंजस्य की कोशिशें
चंडीगढ़ | 14 जुलाई 2025: हरियाणा की राजनीति में पिछले एक महीने में उभरी सियासी गर्मी अब धीरे-धीरे “डिनर डिप्लोमेसी” के जरिए शांत करने की कोशिश की जा रही है। यह सियासी बदलाव चंडीगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के घर आयोजित हुए एक डिनर से शुरू हुआ था, जो 18 जून को राजनीतिक तनाव का कारण बना था। इसके बाद 13 जुलाई की रात एक और डिनर हुआ, जिसमें इस बार माहौल मेल-मिलाप का था, और इसने पार्टी के भीतर की दरारों को भरने की दिशा में कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अहम भूमिका
इस डिनर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी पत्नी सुमन सैनी के साथ शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री को इस डिनर में शामिल करने के लिए पिछले एक हफ्ते से दिल्ली दरबार से सशक्त समर्थन और हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा था। इस मुलाकात को लेकर सियासी हलकों में यह चर्चा रही कि मुख्यमंत्री ने आंतरिक कलह को शांत करने के लिए यह कदम उठाया।
कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा का महत्व
कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा और उनकी पत्नी रीटा शर्मा भी इस डिनर में शामिल हुए। उनका उपस्थित होना विशेष रूप से अहम था, क्योंकि 15 जून को रेवाड़ी में मुख्यमंत्री और आरती राव के बीच मंच पर जो तल्खी दिखाई दी थी, उस वक्त अरविंद शर्मा भी वहीं मौजूद थे। उनकी इस डिनर में उपस्थिति को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि भाजपा नेतृत्व सभी नेताओं के बीच सामंजस्य बनाए रखने के लिए तत्पर है।
भाजपा नेतृत्व की सामंजस्यपूर्ण राजनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भा.ज.पा. नेतृत्व अब हरियाणा में पार्टी नेताओं के बीच की दरारों को “डिनर डिप्लोमेसी” और सामंजस्य के माध्यम से भरने की कोशिश कर रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के अंदर कोई भी अंदरूनी कलह ना होने देना है। ये घटनाएं और इस प्रकार की रणनीतियां इस बात का संकेत देती हैं कि भाजपा नेतृत्व आगामी चुनाव में एकजुटता और समन्वय पर जोर दे रहा है।