हरियाणा में अफसरशाही पर एक्शन मोड में सरकार, बिजली मंत्री और सीएम ने दो अधिकारियों को किया सस्पेंड

हरियाणा में अफसरशाही पर एक्शन मोड में सरकार, बिजली मंत्री और सीएम ने दो अधिकारियों को किया सस्पेंड

मंत्री अनिल विज ने शिकायत मिलने के बाद एक्सईएन को सस्पेंड करने के आदेश दिए।-फाइल - Dainik Bhaskar

अंबाला/सिरसा, 1 जुलाई 2025:
हरियाणा सरकार एक बार फिर अपने कड़े रुख को लेकर सुर्खियों में है। राज्य के बिजली मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दो अलग-अलग मामलों में सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। दोनों कार्रवाइयों को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत देखा जा रहा है।

अंबाला में क्लब विवाद पर एक्सईएन सस्पेंड

बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली निगम के एक्सईएन (XEN) हरीश गोयल को निलंबित करने का आदेश दिया है। गोयल पर आरोप है कि वे सोमवार रात फिनिक्स क्लब में निक्कर (शॉर्ट्स) पहनकर पहुंच गए थे। जब क्लब के स्टाफ ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए उन्हें टोक दिया, तो कथित रूप से एक्सईएन ने गुस्से में आकर क्लब का बिजली कनेक्शन कटवा दिया

मंगलवार सुबह क्लब प्रबंधन ने इस मामले की शिकायत सीधे मंत्री अनिल विज से की। विज ने तत्काल मामले की जांच करवाई और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एक्सईएन को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, अब तक आधिकारिक सस्पेंशन ऑर्डर जारी नहीं हुआ है।

सिरसा में वीडियो वायरल होने पर तहसीलदार निलंबित

इसी बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिरसा के तहसीलदार भुवनेश कुमार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के बाद की गई। वीडियो में तहसीलदार कथित तौर पर अपने तीन कर्मचारियों के साथ पैसों के लेन-देन की बात करते दिख रहे हैं।

वीडियो में तहसीलदार यह कहते सुने जा रहे हैं:

“3 लाख में अपना इलाज करवाऊंगा और बाकी घर के काम में लगाऊंगा।”
साथ ही वे कर्मचारियों को यह भी कहते हैं कि “यह बात किसी को बतानी नहीं है।”

मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और तहसीलदार को निलंबित कर दिया।


सरकार का कड़ा संदेश

इन दोनों कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत गया है कि हरियाणा सरकार अब सरकारी अधिकारियों की अनुशासनहीनता या भ्रष्टाचार के मामलों में सीधी और त्वरित कार्रवाई के पक्ष में है। मंत्री अनिल विज और सीएम सैनी दोनों का प्रशासन पर मजबूत नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर रहा है।

सरकार के इस रुख से एक ओर जहां अफसरशाही में सख्ती का संदेश गया है, वहीं जनता में भी यह धारणा बनी है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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