1, 2 नहीं… 5वें अटेम्प्ट में क्लियर किया UPSC, पढ़ाई का तरीका बदलने से मिली मेघा को सफलता

गाजियाबाद: गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव में रहने वाली मेघा अग्रवाल ने यूपीएससी की परीक्षा में 206वीं रैंक हासिल की है.  अब वह आईपीएस अधिकारी बन चुकी है. इस वर्ष मेघा का पांचवा अटेम्प्ट था. इन पांचो ही अटेम्प्ट में मेघा ने हमेशा प्रीलिम्स क्वालीफाई किया और मेंस लिखा. आइए मेधा से जानते हैं कि इस परीक्षा को क्रेक करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी.

30 वर्षीय मेघा की स्कूलिंग गाजियाबाद से हुई. इसके बाद वर्ष 2015 में एनआईटी इलहाबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. फिर 2 साल बेंगलुरु में नौकरी भी की. लेकिन, नौकरी करने के बाद भी मन में संतुष्टि नहीं हुई. लोकल-18 को मेधा ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा देने का मन में ख्याल बहुत पहले से ही था. इस परीक्षा को पूरे ईमानदारी से देना है ऐसा मैंने सोचा हुआ था. फिर जॉब छोड़ने के बाद वर्ष 2018 से ही तैयारी में लग गईं और पांचवा अटेम्प्ट में सफलता हाथ लगी.

थर्ड अटेंप्ट में लगा था बस अब और नहीं
मेघा ने बताया की उनकी जर्नी में सक्सेस और फेलियर दोनों ही है. हर अटेम्प्ट में ऐसा लगता था कि अब नहीं हो पाएगा और अब रुक जाना चाहिए. लेकिन हर एक अटेम्प्ट के बाद परिवार ने काफी सहयोग किया. थर्ड अटेम्प्ट में जब मैं इंटरव्यू तक पहुंची, तो फाइनल लिस्ट में अपना नाम खोजा. वहां मेरा नाम नहीं मिला, तब मुझे लगा कि अब मुझे छोड़ देना चाहिए. दोबारा खुद को मोटिवेट करने में थोड़ा टाइम लगा. क्योंकि, तैयारी में मन नहीं लग रहा था.

नहीं मानी हार और फिर मारी बाजी
पढ़ाई के पैटर्न पर बात करते हुए मेघा ने बताया कि टॉपिक वाइज स्टडी करना जरुरी है. मेरी जर्नी में स्ट्रेटजी काफी बार चेंज हुई. पहले इतनी गाइडेंस अवेलेबल नहीं थी, तो किताबों के अकॉर्डिंग पढ़ाई करती थी. लेकिन फिर मैंने टॉपिक के अकॉर्डिंग पढ़ाई करना शुरू किया. सोशल मीडिया पर ज्यादा समय नहीं दिया. क्योंकि, कई बार ये दिख जाता है कि जो दोस्त है वो अच्छे मुकामों पर पहुंच गए है और आप अब तक तैयारी कर रहे है. इसलिए सोशल मीडिया पर फोकस नहीं किया. लेकिन हमेशा ही मैंने शादी- समारोह में अपनी प्रसेंस बनाए रखी. फिर मेरी शादी हुई. ऐसा परिवार और पति मिला, जिन्होंने मेरी तैयारी को काफी हौसला और उत्साह के साथ जारी रखने में मदद की.

यूट्यूब से भी पढ़ाई है संभव
मेघा बताती हैं कि रैंक के अकॉर्डिंग मुझे आईपीएस अधिकारी का पद मिलेगा, जो मेरी सेकंड प्रेफरेंस है. मैं इसमें पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाऊंगी. लेकिन, अभी आईएएस बनने के लिए भी मैं अपना आखिरी अटेम्प्ट यूटिलाइज्ड करूंगी. आगे उन्होंने बताया कि यूट्यूब पर काफी सारे सोर्सेस अवेलेबल है, जिससे आप आसानी से पढ़ सकते है. स्टार्टिंग के अटेम्प्ट में मैंने नोट्स पेपर बनाए थे. इस समय डिजिटल नोट्स बनाए हैं. क्योंकि डिजिटल नोट्स के जरिए कही से भी कभी भी उनकी रीडिंग हो जाती है. इसलिए कैंडिडेट डिजिटल नोट्स भी बना सकते हैं.

Tags: Ghaziabad News, Local18

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