मोहाली अदालत ने आतंकवादी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में दो दोषियों को पांच साल की सजा सुनाई
पंजाब में आतंकी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े एक छह साल पुराने मामले में मोहाली जिला अदालत ने दो लोगों को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा और जुर्माना सुनाया। दोषियों में से एक लखबीर सिंह है, जो होशियारपुर जिले का रहने वाला था और पेशे से ड्राइवर था, जबकि दूसरी दोषी सुरिंदर कौर उर्फ सुखप्रीत कौर फरीदकोट जिले की रहने वाली नर्स थी।
लखबीर सिंह को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 10 और 13 के तहत सजा मिली। उसे धारा 10 के तहत 2 साल की कैद और 2,000 रुपये का जुर्माना, जबकि धारा 13 के तहत 5 साल की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना हुआ। वहीं, सुखप्रीत कौर को धारा 19 के तहत 5 साल की सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना हुआ।
इस मामले में पुलिस को जानकारी मिली थी कि लखबीर सिंह दुबई में रहकर भारत में आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा था और वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से जुड़ा था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह पंजाब में आतंकवाद फैलाने के लिए ISI की साजिश का हिस्सा था।
अदालत ने इस मामले में सुरिंदर सिंह उर्फ सुख देओल को बरी कर दिया, क्योंकि पुलिस उसके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाई। सुखप्रीत कौर से कुछ किताबें, मैगजीन और डायरियां बरामद हुई थीं, लेकिन किसी भी आरोपी के पास से हथियार नहीं मिले थे, और पुलिस उनके खिलाफ कोई निर्णायक साक्ष्य पेश नहीं कर पाई थी।
इस पूरे मामले में आतंकवाद फैलाने, टेरर फंडिंग और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था, और अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।