2027 विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में बीजेपी का फोकस ग्रामीण वोट बैंक पर, AAP ने जताई आपत्ति

चंडीगढ़। पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब ग्रामीण इलाकों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। पार्टी केंद्र सरकार की आठ योजनाओं के सहारे गांवों में एंट्री कर अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश में है।
बीजेपी नेता गांवों में कैंप लगाकर लोगों को सीधे केंद्र की योजनाओं के पोर्टल पर रजिस्टर करा रहे हैं। इसी पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने आपत्ति जताई है। पंजाब सरकार का कहना है कि यह काम राज्य प्रशासन का है और राजनीतिक दल द्वारा डेटा इकट्ठा करना डेटा लीक का खतरा पैदा कर सकता है।
बीजेपी बनाम AAP टकराव
वीरवार को कैंप के दौरान कई बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बावजूद पार्टी ने एलान किया है कि शुक्रवार को भी कैंप लगाए जाएंगे। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि वह खुद आज फाजिल्का जिले के रायपुर गांव में कैंप में शामिल होंगे।
बीजेपी ने राज्य सरकार के खिलाफ आज 117 विधानसभा क्षेत्रों में “अर्थी फूक” प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
पंजाब में बीजेपी की स्थिति
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2020 के किसान आंदोलन के बाद से पंजाब में बीजेपी का जनाधार कमजोर पड़ा। सहयोगी अकाली दल से गठबंधन भी टूट गया।
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2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी और अकाली दल दोनों को नुकसान हुआ।
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2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पंजाब से एक भी सीट नहीं मिली, हालांकि 18.56% वोट शेयर के साथ वह तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही।
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कांग्रेस को 26.30% और AAP को 26% वोट मिले।
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अकाली दल को एक सीट और 13.42% वोट शेयर हासिल हुआ।










