शिमला. हिमाचल प्रदेश में मौसम के अजब-गजब रंग देखने को मिल रहे हैं. सूबे के शिमला (Shimla) सहित अन्य जिलों में बुधवार को धूप खिली है. वहीं, लाहौल स्पीति में बर्फबारी (Snowfall) हो रही है. लाहौल घाटी में मई महीने की शुरुआत में अटल टनल, कोकसर और सिस्सू सहित अन्य इलाकों में बर्फ गिर रही है. अहम बात है कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब भी ठंड की विदाई नहीं हुई है. हालांकि, सूबे के मैदानी इलाकों में गर्मी महसूस हो रही है. लेकिन यहां पर मौसम सुहावना बना हुआ है.
जानकारी के अनुसार, सुबह-सुबह बर्फबारी के बाद अब दोपहर करीब डेढ़ बजे भी लाहौल स्पीति में अटल टनल के पास बर्फ गिर रही है. मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने बताया कि बीते 12 घंटे में हिमाचल प्रदेश में चंबा, डलहौजी और किन्नौर के ताबो में हल्की बारिश हुई है.
मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे साल अप्रैल में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. इस साल एक से 30 अप्रैल तक सामान्य से पांच फीसदी पानी बरसा है,, वर्ष 2023 में अप्रैल के दौरान सामान्य से 63 फीसदी अधिक बारिश हुई थी, जबकि 2022 में सामान्य से 89 फीसदी कम बरसात रिकॉर्ड की गई थी. शिमला में अप्रैल माह में पारा 28 डिग्री तक पहुंच जाता था. लेकिन इस बार अब तक 25 डिग्री से अधिक नहीं गया है.
वहीं, मैदानी जिले ऊना में भी इस बार अप्रैल में सिर्फ एक बार अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा है. उधर, आने वाले दिनों में भी हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं. मौसम विभाग ने चार और पांच मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही सात मई तक रुक रुक कर कुछ स्थानों पर बारिश होती रहेगी.
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कल भी फंसे रहे थे सैलानी
मंगलवार को अटल टनल और कोकसर को जोड़ने वाले मार्ग पर लैंडस्लाइड के चलते काफी संख्या में सैलानी यहां फंसे रहे थे. यहां पर कुठ बिहाल की पहाड़ी से सोमवार शाम हिमस्खलन से अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से कोकसर का संपर्क 14 घंटे तक कटा रहा. इसके बाद 11:00 बजे के करीब सैलानियों को कोकसर के लिए भेजा गया.

लाहौल में हो रही बर्फबारी
लाहौल घाटी में मई माह में बारिश और बर्फबारी से किसान और बागवानों पर सकंट आ गया है. लाहौल के उदयपुर, थिरोट, जाहलमा और शांशा गांव में मटर और गोभी की रोपाई की गई है. लेकिन गाहर घाटी और चन्द्रा घाटी जैसे उपरी इलाकों में बीजाई और रोपाई का समय निकलता जा रहा है. क्योंकि यहां बर्फबारी हो रही है. घाटी के नीचले इलाकों में मटर गोभी जैसी नकदी फसल के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है.
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FIRST PUBLISHED : May 1, 2024, 14:15 IST










