नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शराब नीति घोटाले में कथित मनीलॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट की तरफ से दी गई जमानत पर रोक लगा दी. जिस आदेश पर हाईकोर्ट ने स्टे लगाया है, उसे राउज़ एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश न्याय बिंदु ने गुरुवार को पारित किया था.
केजरीवाल और ‘आप’ पर लाइसेंसधारियों के पक्ष में दिल्ली की शराब नीति में हेरफेर करने के लिए राजनेताओं, व्यापारियों और अन्य लोगों के एक कार्टेल साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है. कथित तौर पर इस पैसे का इस्तेमाल 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव अभियान में किया गया था.
ईडी ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके तुरंत बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें जारी समन को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था. 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 1 जून तक अंतरिम जमानत देते हुए कहा था कि उन्हें 2 जून को आत्मसमर्पण करना होगा और वापस जेल जाना होगा. तब से वह तिहाड़ जेल में हैं.
कौन हैं विशेष न्यायाधीश न्याय बिंदु?
विशेष न्यायाधीश न्याय बिंदु ने उत्तर-पश्चिम जिले की रोहिणी अदालत में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है.
वह द्वारका में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं.
जज न्याय बिंदु को दीवानी और फौजदारी कानून का अच्छा ज्ञान है.
FIRST PUBLISHED : June 21, 2024, 19:32 IST










