परगट सिंह ने मुख्यमंत्री मान पर उठाए सवाल, चंडीगढ़ जमीन विवाद पर प्रतिक्रिया न देने का आरोप

पंजाब के जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर सवाल उठाए हैं। परगट सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ की जमीन हरियाणा को देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ना ही गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान ने इस गंभीर मुद्दे पर कोई टिप्पणी भी नहीं की।
पूर्व मंत्री और पद्मश्री हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह ने यह भी कहा कि पंजाब की सरकार को इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी, लेकिन सीएम मान की चुप्पी से यह साफ है कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

विधायक परगट सिंह का मुख्यमंत्री मान पर हमला: मुद्दों के बजाय कॉमेडी कर रहे हैं सीएम
जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के लिए जमीन देने का मुद्दा और पानी के विवाद जैसे अहम मामलों को मुख्यमंत्री मान ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके बजाय, वे इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय चुटकुले सुनाने में व्यस्त हैं।
परगट सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मान की यह चुप्पी और हास्य प्रवृत्ति पंजाब की गंभीर समस्याओं से ध्यान भटकाने का एक तरीका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह साफ होता है कि आम आदमी पार्टी पंजाब के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है। विधायक ने आगे कहा कि यह पंजाब की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह के मुद्दों को हल करने की बजाय कॉमेडी में व्यस्त है।

गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा की नई बिल्डिंग के लिए जमीन देने का किया था ऐलान
जुलाई 2022 में जयपुर में हुई एनजेडसी (National Zone of Chandigarh Development Council) की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग बनाने की मंजूरी दी थी। इसके तहत चंडीगढ़ की ओर से रेलवे स्टेशन से IT पार्क को जाने वाली सड़क के पास 10 एकड़ जमीन हरियाणा विधानसभा के निर्माण के लिए दी जाएगी।
इसके बदले में हरियाणा सरकार से 12 एकड़ जमीन ली जाएगी, जो पंचकूला के मनसा देवी कॉम्प्लेक्स के पास स्थित है। हालांकि, यह 12 एकड़ जमीन ईको सेंसिटिव जोन (पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र) में आती है, जिसके कारण केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने इस भूमि के उपयोग को लेकर अधिसूचना जारी कर बदलाव कर दिए थे। इस विवाद के बाद पंजाब और हरियाणा की सरकारों के बीच टकराव बढ़ गया था।
बीते कुछ समय से यह मुद्दा फिर से गरमाया हुआ है, जिसके बाद दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।










