पंजाब की झांकी कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक धरोहर की शानदार प्रदर्शनी

पंजाब की झांकी कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक धरोहर की शानदार प्रदर्शनी

दिल्ली में होने वाली में पहुंची पंजाब की झांकी। - Dainik Bhaskar

पंजाब की झांकी को लेकर काफी दिलचस्प और गर्व की बात है, खासकर इस साल जब इसे दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी की परेड में शामिल किया गया है। झांकी में पंजाब की संस्कृति और परंपरा को बहुत खूबसूरती से पेश किया गया है। खासकर बाबा शेख फरीद को समर्पित इस झांकी में खेती, लोक संगीत, फुलकारी और पंजाबी साहित्य को प्रमुखता से दिखाना, यह दर्शाता है कि पंजाब की विविधता और समृद्धि को सम्मान दिया गया है।

पंजाब के कृषि प्रधान राज्य होने के रूप में पहले भाग में हल चलाते बैल और लोक संगीत के दृश्य बहुत प्रभावशाली हैं। साथ ही, फुलकारी और पंजाबी कवि बाबा शेख फरीद का सम्मान इसे और भी विशेष बना रहे हैं। इस तरह की झांकियां न सिर्फ पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करती हैं, बल्कि देशभर में पंजाब के योगदान को भी उजागर करती हैं।

पिछले साल जब झांकी खारिज हुई थी, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसका पूरी तरह से विरोध किया था और इसे पंजाब में ही प्रदर्शित करने का निर्णय लिया था। इस बार की झांकी को लेकर हर कोई उत्साहित है और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस पर अभिव्यक्ति भी यह साबित करता है कि यह झांकी दिलों को छू रही है।

क्या आपको लगता है कि इस तरह की पहल से पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर को और बढ़ावा मिलेगा

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