गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में हरियाणा की झांकी का प्रदर्शन: समृद्धि, विरासत और विकास का अलौकिक चित्रण

गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में हरियाणा की झांकी का प्रदर्शन: समृद्धि, विरासत और विकास का अलौकिक चित्रण

हरियाणा की झांकी निकलने पर उसमें सवार खिलाड़ियों का हाथ हिलाकर अभिवादन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। - Dainik Bhaskar

गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हरियाणा की झांकी ने राज्य की समृद्धि, विरासत और विकास को प्रदर्शित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झांकी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जो हरियाणा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के साथ-साथ उसके आधुनिक विकास को भी दर्शाती है।

झांकी में दिखाए गए प्रमुख दृश्य:

  1. कुरुक्षेत्र का ज्योतिसर तीर्थ: झांकी में कुरुक्षेत्र के पवित्र ज्योतिसर तीर्थ का चित्रण किया गया, जहां महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। यह दृश्य हरियाणा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान को उजागर करता है।

  2. सूरजकुंड मेला से प्रेरित शिल्प गाड़ी: झांकी के मध्य भाग में सूरजकुंड मेले से प्रेरित शिल्प गाड़ी को दिखाया गया, जो हरियाणा की कला और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित करती है।

  3. हरियाणवी ताऊ और तकनीकी विकास: झांकी के अगले हिस्से में एक हरियाणवी ताऊ को लैपटॉप पर फसलों के भाव देखते हुए दिखाया गया, जो यह दर्शाता है कि हरियाणा के किसान अब सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग अपने कृषि कार्यों को समृद्ध बनाने के लिए कर रहे हैं। किसान ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ जैसे पोर्टल से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और फसलों के भाव ऑनलाइन देख रहे हैं।

  4. महिला सशक्तिकरण: झांकी में दो स्कूल लड़कियों को हरियाणवी ताऊ के पास दिखाया गया, जो हरियाणा में महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे कार्यक्रमों के कारण लैंगिक समानता का प्रतीक बने हैं।

थीम और निर्माण:
इस बार हरियाणा की झांकी का थीम था ‘समृद्ध हरियाणा-विरासत और विकास’। इसे रक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में बनाया गया। हरियाणा का छोटा आकार होने के बावजूद, राज्य ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापारों, उद्योग, कृषि और खेल के क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाई है।

हरियाणा राज्य ने ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं और देश को आधारभूत संरचनाओं के मामले में नई दिशा दी है।

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