गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में हरियाणा की झांकी का प्रदर्शन: समृद्धि, विरासत और विकास का अलौकिक चित्रण

गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हरियाणा की झांकी ने राज्य की समृद्धि, विरासत और विकास को प्रदर्शित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झांकी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जो हरियाणा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के साथ-साथ उसके आधुनिक विकास को भी दर्शाती है।
झांकी में दिखाए गए प्रमुख दृश्य:
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कुरुक्षेत्र का ज्योतिसर तीर्थ: झांकी में कुरुक्षेत्र के पवित्र ज्योतिसर तीर्थ का चित्रण किया गया, जहां महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। यह दृश्य हरियाणा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान को उजागर करता है।
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सूरजकुंड मेला से प्रेरित शिल्प गाड़ी: झांकी के मध्य भाग में सूरजकुंड मेले से प्रेरित शिल्प गाड़ी को दिखाया गया, जो हरियाणा की कला और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित करती है।
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हरियाणवी ताऊ और तकनीकी विकास: झांकी के अगले हिस्से में एक हरियाणवी ताऊ को लैपटॉप पर फसलों के भाव देखते हुए दिखाया गया, जो यह दर्शाता है कि हरियाणा के किसान अब सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग अपने कृषि कार्यों को समृद्ध बनाने के लिए कर रहे हैं। किसान ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ जैसे पोर्टल से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और फसलों के भाव ऑनलाइन देख रहे हैं।
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महिला सशक्तिकरण: झांकी में दो स्कूल लड़कियों को हरियाणवी ताऊ के पास दिखाया गया, जो हरियाणा में महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे कार्यक्रमों के कारण लैंगिक समानता का प्रतीक बने हैं।










