राम रहीम का सिरसा हेडक्वार्टर आगमन: हनीप्रीत को दी जा सकती है गद्दी की कमान

राम रहीम का सिरसा हेडक्वार्टर आगमन: हनीप्रीत को दी जा सकती है गद्दी की कमान

राम रहीम और हनीप्रीत की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

पंजाब और हरियाणा के चर्चित धार्मिक गुरु राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा के सिरसा स्थित हेडक्वार्टर में वापस लौटने की बड़ी वजह सामने आई है। डेरे के टॉप सोर्सेज के मुताबिक, राम रहीम ने डेरे की गद्दी को लेकर चल रहे विवाद को निपटाने के लिए यहां आना तय किया। यह विवाद पहले राम रहीम के परिवार और मुख्य शिष्या हनीप्रीत के बीच था, जिसके बाद परिवार विदेश चला गया। अब हनीप्रीत और डेरा मैनेजमेंट कमेटी के बीच विवाद चल रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, राम रहीम अपनी मुख्य शिष्या हनीप्रीत को डेरे की पावर सौंप सकते हैं, जिसके तहत हनीप्रीत को डेरा मैनेजमेंट और फाइनेंस सहित अन्य अहम फैसलों की अधिकारिता दी जा सकती है। हालांकि, डेरा मैनेजमेंट फिलहाल इस पर कोई पुष्टि नहीं कर रहा है।

हनीप्रीत को पावर ऑफ अटॉर्नी देने की जरूरत क्यों?

डेरे से जुड़े सूत्रों के अनुसार, डेरा की गतिविधियों पर जल्दी फैसले लेने में समस्याएं आ रही थीं, क्योंकि हर बार राम रहीम की पैरोल पर लौटने का इंतजार करना पड़ता था या फिर डेरा कमेटी को जेल में राम रहीम से मिलने जाना पड़ता था। हनीप्रीत को राम रहीम का करीबी और राजदार माना जाता है, और इसलिए चर्चा चल रही है कि उसे डेरा की कमान सौंपी जा सकती है।

मुख्य शिष्या हनीप्रीत को गद्दी देने के कयास

  1. हनीप्रीत को मुख्य शिष्य मानना
    राम रहीम ने फरवरी 2022 में अपने आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र में हनीप्रीत को मुख्य शिष्य के रूप में दर्ज करवा लिया था। उन्होंने अपने परिवार के नाम काट दिए थे और अपने गुरु सतनाम सिंह का नाम अंकित किया था। इसके साथ ही हनीप्रीत का नाम परिवार पहचान पत्र में प्रमुख शिष्य के रूप में था।

  2. गद्दी परंपरा
    डेरा सच्चा सौदा की परंपरा के अनुसार, गद्दी उस व्यक्ति को सौंपी जाती है जो मौजूदा गद्दीनशीन का मुख्य शिष्य हो। चूंकि हनीप्रीत मुख्य शिष्या हैं, ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह गद्दी की अगले वारिस हो सकती हैं।

  3. लंदन गए परिवार का हनीप्रीत से विवाद
    राम रहीम का परिवार, जिसमें उसकी पत्नी, बेटे और बेटी शामिल थे, हनीप्रीत से विवाद के बाद विदेश चला गया। परिवार का मानना था कि हनीप्रीत डेरा मैनेजमेंट में हस्तक्षेप कर रही थी।

  4. हनीप्रीत को पॉलिटिकल फैसलों का अधिकार
    राम रहीम के परिवार के विदेश जाने के बाद, हनीप्रीत की दखलअंदाजी डेरा के अहम फैसलों में बढ़ गई थी। साथ ही, राम रहीम ने पॉलिटिकल फैसले लेने का अधिकार भी हनीप्रीत को दे दिया था।

  5. हनीप्रीत का नाम बदलना
    राम रहीम ने अक्टूबर 2022 में हनीप्रीत का नाम बदलकर “रूहानी दीदी” (रुह दी) रख दिया था। इससे यह कयास और मजबूत हुए कि राम रहीम हनीप्रीत को डेरे की गद्दी सौंपने के लिए तैयार हो रहे हैं, और इस नाम परिवर्तन को डेरे के गद्दीनशीन के रूप में उनकी पहचान बनाने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

इस विवाद और बदलाव के चलते अब हनीप्रीत को डेरा सच्चा सौदा की गद्दी सौंपे जाने के कयास और चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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