पंजाब में श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर आरोपों की जांच रिपोर्ट, SGPC ने हटाया पद से

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार पद से ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाए जाने के बाद एक जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें उन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि जब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अपनी सफाई देने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया। जांच कमेटी ने पारिवारिक मामलों के साथ-साथ अन्य आरोपों पर भी गौर किया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बीते दिन स्पष्ट किया था कि जत्थेदार रहते हुए कमेटी के सामने पेश होना उनके लिए सही नहीं है। उनका कहना था कि 2 दिसंबर को फैसला सुनाए जाने के बाद से ही उन्हें हटाने की योजना बनाई जा चुकी थी।
जांच रिपोर्ट में कुछ प्रमुख आरोप हैं:
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कीर्तन रुकवाना: ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 18 दिसंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब पर कीर्तन को 15 मिनट के लिए रुकवाया था ताकि अपनी सफाई दे सकें, जो सिख मर्यादा के खिलाफ माना गया।
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सिख मर्यादा का उल्लंघन: रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने राघव चड्ढा और परिणीति चौपड़ा की सगाई में हिस्सा लिया और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे के विवाह में भी भाग लिया, जो पतित सिख के रूप में जाने जाते हैं। इसने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
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सिक्योरिटी चेक और फिल्मी हस्तियों से मिलना: रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सगाई में भाग लेने के दौरान सिक्योरिटी चेक से बचने के लिए पैदल जाना और फिल्मी हस्तियों से मिलना सिखों की मर्यादा का उल्लंघन था।










