किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का तीखा हमला, पंजाब के जलसंसाधनों और किसानों की अनदेखी पर उठाए सवाल
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। पटियाला के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपने पैतृक गांव डल्लेवाल में आयोजित किसान महापंचायत में डल्लेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केवल आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को बचाने के लिए पंजाब की किसानों और जलसंसाधनों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि फसली विविधीकरण तभी संभव है जब फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी मिले। इसके बिना पंजाब के पानी को बचाना असंभव है, और अगर यही स्थिति रही तो पंजाब जल्द ही रेगिस्तान बन जाएगा, जैसा कि विशेषज्ञों द्वारा बताया जा रहा है कि राज्य में अगले 15 से 18 वर्षों तक ही पानी शेष रहेगा।
डल्लेवाल ने कहा कि किसान आंदोलन के कारण केंद्र सरकार पर दबाव बना था, लेकिन अब केंद्र सरकार अमेरिका से एक नया समझौता करने की कोशिश में है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि यदि वह अपनी 56 इंच की छाती का दावा करते हैं, तो वह अमेरिका के सामने खड़े हो कर कहें कि वह उसकी शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे। यदि सरकार अमेरिका के दबाव में आकर घुटने टेकती है, तो किसानों की जिम्मेदारी है कि वे अपने हक के लिए संघर्ष करें, क्योंकि यह उनकी पीढ़ियों और बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
डल्लेवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसान चोरी हुए ट्रॉलियों और सामान की तलाश करने वालों को परेशान किया गया, तो किसान उचित कदम उठाएंगे। उन्होंने इस आंदोलन को पूरे देश में फैलाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से मई तक पंजाब और हरियाणा में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें वह व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे। इसके अलावा, 26 नवंबर से अपनी 13 प्रमुख मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे डल्लेवाल ने कहा कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
अप्रैल महीने के लिए कार्यक्रमों का शेड्यूल भी तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न स्थानों पर किसान महापंचायत और अन्य आंदोलन कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें 4 अप्रैल को फिरोजपुर-मोगा, 5 अप्रैल को पटियाला, 6 अप्रैल को मोहाली, 7 अप्रैल को बरनाला, 8 अप्रैल को मुक्तसर साहिब, 9 अप्रैल को फाजिल्का, 10 अप्रैल को अमृतसर और 11 अप्रैल को मानसा में कार्यक्रम आयोजित होंगे।