श्री अकाल तख्त साहिब की बैठक में आठ प्रस्ताव पारित, गे परेड पर चर्चा का ऐलान

श्री अकाल तख्त साहिब की बैठक में आठ प्रस्ताव पारित, गे परेड पर चर्चा का ऐलान

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज के नेतृत्व में बैठक हुई। - Dainik Bhaskar

श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज के नेतृत्व में आयोजित बैठक में आठ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। इस बैठक में सिख समुदाय के विभिन्न धार्मिक मुद्दों और कार्यों पर चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख मुद्दों का समाधान और भविष्य के दिशा-निर्देश तय किए गए।

  1. गे परेड का मसला: जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने गे परेड पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में जल्द ही गुरु सिख विद्वानों का इकट्ठा बुलाकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का अमृतसर में आयोजन नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह कुदरत के सिद्धांतों के खिलाफ है।

  2. सिख सेंसर बोर्ड: इस दौरान सिख सेंसर बोर्ड की आवश्यकता भी जताई गई, ताकि सिख धर्म से संबंधित गलत प्रचार को रोका जा सके और समुदाय के धार्मिक मूल्यों की रक्षा की जा सके।

  3. गुरबानी संथिया की सराहना: श्री अकाल तख्त साहिब ने गुरबानी संथिया के लिए श्री अकाल तख्त साहिब गुरपुर निवासी ज्ञानी मलकीत सिंह की सेवाओं की सराहना की और उनके परिवार को सम्मानित करने का निर्णय लिया।

  4. दशमेश पातशाह साहिब के पुत्रों की शहादत का प्रचार: गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरपाल सिंह को दशमेश पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्रों की अद्वितीय शहादत के प्रचार के लिए सम्मानित किया जाएगा।

  5. गुरु के इतिहास की कहानियां: सभी गुरसिखों से अनुरोध किया गया कि वे सोने से आधा घंटा पहले अपने घरों में गुरु के इतिहास और सिख इतिहास की कहानियां सुनाएं।

  6. सादा लंगर की प्रथा: सिख जगत को गुरु के लंगर की मूल भावना के अनुसार अंतिम अरदास के दौरान सादा लंगर तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

  7. धार्मिक प्रचार आंदोलन को तेज करना: पंजाब में धार्मिक प्रचार आंदोलन को तेज करने की आवश्यकता महसूस की गई, और सिख संगठनों के प्रचारकों, रागियों और कवियों को पंजाब के दस गांवों में प्रचार करने के लिए प्रेरित किया गया।

  8. सेवा करने वाले परिवारों का ध्यान रखना: शहर की संगतों और गुरुद्वारा कमेटियों से आग्रह किया गया कि वे गुरुद्वारों में सेवा कर रहे ग्रंथी सिंहों, कीर्तनिया सिंहों और सेवादारों के परिवारों के अच्छे पालन-पोषण और उनके बच्चों की शिक्षा की ओर ध्यान दें।

  9. खालसा सृजन दिवस पर विशेष आयोजन: खालसा सृजन दिवस के अवसर पर पूरे विश्व में विशेष गुरमत समारोह और अमृत संचार का आयोजन किया जाएगा।

यह बैठक सिख समुदाय के धार्मिक मुद्दों पर एक सशक्त दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जिसमें समाज के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए धार्मिक शिक्षाओं और मूल्यों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया।

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