कैट का बड़ा आदेश: पीजीआई को डॉ. राकेश सहगल का पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ 4 महीने में देने के निर्देश
चंडीगढ़, 12 अप्रैल – केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने पीजीआई (पंजाब विश्वविद्यालय चिकित्सा संस्थान) को बड़ा झटका देते हुए पूर्व डीन डॉ. राकेश सहगल के रोकी गई पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ को 4 महीने के भीतर जारी करने का आदेश दिया है। कैट ने पीजीआई द्वारा डॉ. सहगल के लाभ रोकने को “कानूनी रूप से अस्थिर और अवैध” करार दिया है और उसे 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के भी निर्देश दिए हैं।
कैट ने दिया यह आदेश
कैट ने कहा कि डॉ. सहगल के खिलाफ रिटायरमेंट के समय कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक कार्रवाई लंबित नहीं थी, इसलिए पीजीआई के पास उनके रिटायरमेंट लाभ को रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। पीजीआई द्वारा 3 मई 2023 को जारी आदेश, जिसमें लाभ को जीएसटी के भुगतान से जोड़ा गया था, को कैट ने “मनमाना और अवैध” बताया।
बकाया लाभ और ब्याज का आदेश
कैट ने आदेश दिया है कि डॉ. राकेश सहगल को उनकी नियमित पेंशन, ग्रेच्युटी, पेंशन का समेकन (commutation), और छुट्टी नकदीकरण (leave encashment) समेत सभी बकाया लाभ दो महीने के भीतर दे दिए जाएं। साथ ही, सेवानिवृत्ति की तारीख के दो महीने बाद से लेकर वास्तविक भुगतान तक की अवधि के लिए 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए।
पीजीआई का तर्क खारिज
डॉ. सहगल की ओर से पेश एडवोकेट करन सिंगला ने कैट के समक्ष यह दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ सेवानिवृत्ति के समय कोई मामला लंबित नहीं था और इसलिए पीजीआई के पास उनके लाभ रोकने का कोई वैध कारण नहीं था। इस पर कैट के सदस्य सुरेश कुमार बत्रा ने अपने आदेश में कहा कि पीजीआई को आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से दो महीने के भीतर सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
यह फैसला पीजीआई के लिए एक बड़ा झटका है, और डॉ. राकेश सहगल के लिए एक बड़ी जीत है, जिन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी।