पंजाब में ब्लॉकों का पुनर्गठन, अब गांवों की सीमाओं के आधार पर होगा निर्धारण
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ब्लॉकों की सीमाएं नए सिरे से तय करने का निर्णय लिया है। अब तक डीएसपी के तहत पंचायतों के फार्मूले पर बने ब्लॉकों को खत्म किया जाएगा और इनकी जगह गांवों की भौगोलिक सीमाओं के आधार पर नए ब्लॉक बनाए जाएंगे। यह कदम प्रशासनिक सुधार और आम जनता को सुविधाजनक सेवाएं देने की दिशा में उठाया गया है।
पंचायत विभाग ने सभी जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अब हर ब्लॉक में 80 से 120 गांवों को शामिल किया जाएगा और ब्लॉकों की सीमाएं संबंधित जिले और विधानसभा क्षेत्र के भीतर ही रहेंगी। इससे लोगों को दो जिलों या अलग-अलग ब्लॉकों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, खासतौर पर छोटे-मोटे सरकारी कामों के लिए।
30 अप्रैल तक पूरी होनी है प्रक्रिया
इस पुनर्गठन प्रक्रिया को 30 अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद अधिकारी अपनी रिपोर्ट पंचायत विभाग को सौंपेंगे।
जनगणना 2011 के आंकड़ों पर आधारित होगा निर्धारण
ब्लॉक के पुनर्गठन के दौरान 2011 की जनगणना के आंकड़ों को ध्यान में रखा जाएगा। क्षेत्रफल और जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सीमाएं निर्धारित की जाएंगी।
जहां एक पंचायत में एक से अधिक गांव शामिल हैं, वहां उसे एक ही ब्लॉक माना जाएगा। पहले कई ब्लॉकों में गांवों की संख्या बेहद असमान थी—कुछ में केवल 20-30 गांव थे, जबकि कुछ में 50 या अधिक। यह असमानता आम लोगों के लिए असुविधा का कारण बनती थी।
इस नई व्यवस्था से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, विकास योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा, और ग्रामीण जनता को अपने कार्यों के लिए सुगमता से सेवाएं उपलब्ध होंगी।