लुधियाना में अधूरे स्कूल प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन बना विवाद का कारण, शिक्षा विभाग ने दिए सख्त निर्देश
लुधियाना: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘शिक्षा क्रांति अभियान’ के तहत लुधियाना समेत कई जिलों में सरकारी स्कूलों में मरम्मत व नवीनीकरण कार्य चल रहे हैं। हालांकि हाल के दिनों में अधूरे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने नए सख्त आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के मुताबिक, अब उन स्कूलों का उद्घाटन नहीं किया जाएगा जहां बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य जैसे कि कक्षा-कक्ष, शौचालय या अन्य आवश्यक सुविधाएं अधूरी हैं।
अधूरे काम को “पूरा” दिखाने पर रोक
अब किसी भी उद्घाटन समारोह से पहले स्कूलों की पूर्ण जांच की जाएगी। जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि उद्घाटन से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी आवश्यक कार्य पूरी तरह से उपयोग के लायक हों। किसी भी अधूरे काम को ‘पूरा दिखाकर’ उद्घाटन करने की सख्त मनाही की गई है।
31 जुलाई तक पूरे होंगे 12 हजार स्कूलों के प्रोजेक्ट
पंजाब सरकार ने 54-दिवसीय “शिक्षा क्रांति अभियान” के तहत राज्य के 12,000 सरकारी स्कूलों में लगभग 25,000 मरम्मत और नवीनीकरण कार्य शुरू किए हैं, जिनकी कुल लागत ₹2,000 करोड़ है। इन परियोजनाओं का उद्घाटन 31 जुलाई तक होना है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने इसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायक मदन लाल बग्गा का उद्घाटन विवादों में
7 अप्रैल को लुधियाना उत्तर से विधायक मदन लाल बग्गा ने दो कक्षा-कक्ष और दो शौचालयों के उद्घाटन का समारोह आयोजित किया था। हालांकि, मौके पर देखा गया कि निर्माण कार्य अधूरा था। केवल एक पट्टिका लगाकर परियोजना को “पूरा” घोषित कर दिया गया था, जिससे मामला और गरमा गया।
निष्कर्ष
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार की यह पहल सराहनीय है, लेकिन अधूरी तैयारियों के साथ दिखावटी उद्घाटनों से इसकी विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है। नए निर्देशों के लागू होने से उम्मीद है कि अब गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ ही इन प्रोजेक्ट्स को अंजाम दिया जाएगा।