पंजाब में 31 मई तक नशा खत्म करने का अल्टीमेटम, DGP ने SSP-CP की बुलाई बैठक
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और आक्रामक रूप देते हुए 31 मई तक राज्य को ड्रग-फ्री बनाने का लक्ष्य तय कर दिया है। इसी कड़ी में 29 अप्रैल को पंजाब के DGP गौरव यादव ने सभी जिलों के SSP और CP की चंडीगढ़ में बैठक बुलाई, जिसमें हर जिले से ड्रग-फ्री एक्शन प्लान मांगा गया है।
DGP ने दो टूक कहा है कि यह कार्रवाई नतीजों पर आधारित होगी। तय समय सीमा के बाद इस पूरे अभियान का थर्ड पार्टी रिव्यू कराया जाएगा। जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाएगा, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जबकि बाकी पर कार्रवाई होगी।
राजनीतिक दृष्टिकोण भी जुड़ा
इस सख्त रुख के पीछे राजनीतिक रणनीति भी मानी जा रही है। 2022 में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी ने नशा मुक्त पंजाब का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित नतीजे नहीं दिखे। हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनावों में मिली हार ने सरकार को झकझोर दिया है। इसके बाद इस मुद्दे को प्राथमिकता पर लिया गया है।
रणनीतिक बदलाव और निगरानी
सरकार ने इस बार मुहिम को संगठित और रणनीतिक रूप देने के लिए पांच मंत्रियों की हाईपावर कमेटी बनाई है, जो ज़मीनी हकीकत की निगरानी कर रही है। अब पुलिस, प्रशासन और पंचायत स्तर पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।
इस बार न सिर्फ तस्करों पर बल्कि सिस्टम की लापरवाही पर भी कार्रवाई का संकेत दिया गया है। आने वाले हफ्तों में इस मिशन की कामयाबी या असफलता पुलिस और सरकार — दोनों के लिए परीक्षा की घड़ी होगी।