भाखड़ा विवाद के बीच BBMB में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, हरियाणा को मिला वाटर रेगुलेशन का नियंत्रण

भाखड़ा विवाद के बीच BBMB में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, हरियाणा को मिला वाटर रेगुलेशन का नियंत्रणनंगल स्थित भाखड़ा डैम पर पंजाब पुलिस के DIG अधिकारियों से बात करते हुए। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 1 मई 2025 – हरियाणा और पंजाब के बीच भाखड़ा नहर से पानी के विवाद के बीच भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने बड़ा कदम उठाते हुए डायरेक्टर (वाटर रेगुलेशन) इंजीनियर आकाशदीप सिंह को हटा दिया है। वे पंजाब के कोटे से नियुक्त थे। उनकी जगह अब हरियाणा कोटे से संजीव कुमार को इस पद पर नियुक्त किया गया है। संजीव इससे पहले डैम सेफ्टी के डायरेक्टर थे।

BBMB के आदेश में दावा किया गया है कि यह फेरबदल खुद आकाशदीप की मांग पर किया गया है, और उन्हें अब डैम सेफ्टी का कार्यभार सौंपा गया है। हालांकि, यह बदलाव ऐसे समय पर किया गया है जब हरियाणा और पंजाब के बीच पानी को लेकर तनाव चरम पर है, जिससे इसके राजनीतिक और प्रशासनिक मायने निकाले जा रहे हैं।

पंजाब का विरोध

इस फैसले के तुरंत बाद पंजाब सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है। राज्य सरकार ने BBMB को पत्र लिखकर कहा कि संजीव कुमार को वाटर रेगुलेशन का कोई अनुभव नहीं है, उनका अनुभव सिर्फ डैम सेफ्टी तक सीमित है। पंजाब ने इस नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।

इसके अलावा, पंजाब ने नंगल डैम की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एक DIG रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है, और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। यह कदम हरियाणा को अधिक पानी दिए जाने की स्थिति में संभावित विरोध को देखते हुए उठाया गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि

पंजाब सरकार ने करीब 17 दिन पहले हरियाणा को मिलने वाले 8500 क्यूसेक पानी को घटाकर 4000 क्यूसेक कर दिया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि हरियाणा अपने कोटे का पानी मार्च में ही खत्म कर चुका है, और जो 4000 क्यूसेक दिया जा रहा है, वह भी केवल “मानवता के आधार पर” दिया जा रहा है।

इसके जवाब में हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार और BBMB से शिकायत करते हुए पूरा कोटा देने की मांग की थी। BBMB की हालिया बैठक में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के समर्थन से यह निर्णय लिया गया था कि हरियाणा को पूरा पानी मिलना चाहिए, लेकिन पंजाब ने इसका सख्त विरोध किया।

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