भारत-पाकिस्तान सांस्कृतिक तनाव चरम पर: प्रतिबंधों की जंग में संगीत और मीडिया बना हथियार
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक और मीडिया मोर्चे पर तनाव और गहरा गया है। भारत द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों और मनोरंजन चैनलों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने एफएम रेडियो स्टेशनों पर भारतीय गानों के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
यह निर्णय पाकिस्तान ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (PBA) द्वारा लिया गया, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने “राष्ट्रवादी कदम” बताया। मंत्रालय के आधिकारिक पत्र (सं. 3(35)/2025-MIB) में इस फैसले को “राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता के हित में लिया गया निर्णय” बताया गया है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने कहा, “यह प्रतिबंध हमारे राष्ट्र की सामूहिक भावनाओं और एकता का प्रतीक है। हम मीडिया से अपील करते हैं कि वे राष्ट्रीय हित में एकजुट रहें।”
भारत का जवाबी हमला
दो दिन पहले, भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद कड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें 26 हिंदू तीर्थयात्रियों की जान गई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया और जवाब में कई पाकिस्तानी डिजिटल चैनलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बैन लगा दिया।
प्रतिबंधित चैनलों में पूर्व पाक क्रिकेटर शोएब अख्तर, पत्रकार आरज़ू काज़मी, सैयद मुज़म्मिल शाह के यूट्यूब चैनल्स, और लोकप्रिय टीवी नेटवर्क हम टीवी शामिल हैं। इनपर भारत विरोधी प्रचार और गलत सूचना फैलाने के आरोप हैं। साथ ही, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट भी भारत में ब्लॉक कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने एक साक्षात्कार में यह दावा किया था कि “पहलगाम हमला भारत की खुद की साजिश” है।
तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पारस्परिक सांस्कृतिक प्रतिबंधों से दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण माहौल और बिगड़ सकता है। जहां एक ओर ये फैसले घरेलू राजनीति और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कला और मनोरंजन की दुनिया इस टकराव की कीमत चुका रही है।