पंजाब में नशामुक्ति अभियान तेज़, मंत्री-विधायक उतरे मैदान में | सीएम मान भी सक्रिय

पंजाब में नशामुक्ति अभियान तेज़, मंत्री-विधायक उतरे मैदान में | सीएम मान भी सक्रिय

पंजाब सरकार नशा मुक्ति में आज विधायक, मंत्री और हलका इंचार्ज करेंगे यात्राएं और रैलियां। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 18 मई:
पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ छेड़े गए व्यापक अभियान को आज यानी 18 मई से नई धार मिल गई है। राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में मंत्री, विधायक और हलका इंचार्ज पूरे प्रदेश में नशामुक्ति अभियान की कमान संभालेंगे। सरकार ने इस अभियान को 30 मई तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इसी क्रम में राज्यभर के नेताओं को उनके हलकों में विशेष जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

सरकार के निर्देशानुसार, हर विधानसभा क्षेत्र के तीन ग्राम पंचायतों या शहरी वार्डों में नशा मुक्ति यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं के ज़रिए लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जाएगा और समाज में इसके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान सक्रिय:
सीएम भगवंत मान पिछले दो दिनों से खुद लगातार इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर रणनीति बनाई है ताकि यह मिशन ज़मीन पर असरदार तरीके से लागू हो सके।

मंत्रियों-विधायकों की ड्यूटी सूची:

  • मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल – अजनाला हलका

  • मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ – जंडियाला

  • स्पीकर कुलतार सिंह संधवां – कोटकपूरा

  • मंत्री मोहिंदर भगत – जालंधर वेस्ट

  • डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह – गढ़शंकर

  • मंत्री रवजोत सिंह – शाम चौरासी

  • मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद – खन्ना

  • मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया – साहनेवाल

  • मंत्री लालचंद कटारूचक – भोआ

  • डॉ. बलबीर सिंह – पटियाला रूरल

  • हरजोत बैंस – आनंदपुर साहिब

  • वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा – दिड़बा

  • मंत्री बरिंदर कुमार गोयल – लहरा

  • अमन अरोड़ा – सुनाम

  • मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियां – लंबी

  • मंत्री बलजीत कौर – मलोट

  • मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर – पट्टी

इन सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने हलकों में नशे के खिलाफ विशेष कार्यक्रम आयोजित करने और लोगों को इसमें जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रणनीति और जागरूकता:
सरकार ने नशामुक्ति को सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप देने की योजना बनाई है। इसके तहत युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

पंजाब सरकार का यह कदम राज्य को नशे के जाल से बाहर निकालने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब देखना होगा कि 30 मई तक यह अभियान कितनी सफलता हासिल कर पाता है।

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