लुधियाना उपचुनाव से पहले सियासी घमासान तेज, AAP उम्मीदवार संजीव अरोड़ा भाषण में भूल गए शहीद करतार सिंह सराभा का नाम

लुधियाना उपचुनाव से पहले सियासी घमासान तेज, AAP उम्मीदवार संजीव अरोड़ा भाषण में भूल गए शहीद करतार सिंह सराभा का नाम

आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा। - Dainik Bhaskar

लुधियाना। 19 जून को लुधियाना में होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। सभी राजनीतिक पार्टियां जोर-शोर से प्रचार में जुटी हैं, लेकिन हलका पश्चिम में एक चुनावी जनसभा के दौरान आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा की ज़ुबान फिसल गई, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

दरअसल, एक सभा को संबोधित करते समय अरोड़ा शहीद करतार सिंह सराभा का नाम भूल गए और मंच से लोगों से ही पूछने लगे कि “मार्केट का नाम किस शहीद के नाम पर है?” अरोड़ा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जहां उन्हें शहीद का नाम याद न होने के लिए जमकर ट्रोल किया जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए AAP उम्मीदवार पर तीखा तंज कसा। भाजपा की प्रदेश लीडरशिप ने फेसबुक पोस्ट में लिखा:
“संजीव अरोड़ा – जो शहीदों के नाम पर वोट मांगते हैं, उन्हें शहीदों का नाम भी ढंग से लेना नहीं आता। इन्कलाब-जिंदाबाद – Inquilab Zindabad कही इन्कलाब के स्पेलिंग ना भूल जाना, यह ध्यान से पढ़ लीजिए।”

भाजपा नेताओं का कहना है कि जिन शहीदों की कुर्बानी पर राजनीति हो रही है, उनके नाम तक ठीक से याद न होना AAP की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल में नया मोड़ ला दिया है। कांग्रेस और अकाली दल ने भी अप्रत्यक्ष रूप से AAP की उम्मीदवारी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहीदों के सम्मान से जुड़े मुद्दे पंजाब की राजनीति में गहरी पकड़ रखते हैं, और ऐसे में किसी भी नेता की छोटी सी चूक भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।
अब देखना यह होगा कि यह विवाद चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है।

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