डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने गोल्डन टेंपल में टेका माथा, उत्तराधिकारी को लेकर फिर छिड़ी चर्चा

डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने गोल्डन टेंपल में टेका माथा, उत्तराधिकारी को लेकर फिर छिड़ी चर्चा

अमृतसर में श्री गोल्डन टेंपल पहुंचे डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों - Dainik Bhaskar

अमृतसर। डेरा राधा स्वामी ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने आज सोमवार को श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में माथा टेका। उन्होंने गुरबाणी कीर्तन का श्रवण किया और संगत के कल्याण की प्रार्थना की। बाबा जी का दौरा पूरी तरह निजी रहा, और उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।

दरबार साहिब के प्लाजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़े, लेकिन सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच बाबा जी दर्शन के बाद सीधे अपने काफिले के साथ रवाना हो गए।

उत्तराधिकारी की घोषणा बनी चर्चा का विषय

बता दें कि करीब 9 महीने पहले, बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने 45 वर्षीय जसदीप सिंह गिल को अपना संभावित उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि डेरा प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल गुरिंदर सिंह ढिल्लों ही डेरा प्रमुख हैं, और जसदीप सिंह गिल उनके साथ बैठेंगे, लेकिन श्रद्धालुओं और सियासी हलकों में इसे लेकर अटकलें तेज हैं।

जसदीप सिंह गिल की प्रोफाइल

जसदीप सिंह गिल का कॉर्पोरेट जगत में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने हाल ही में सिप्ला लिमिटेड के सीईओ और चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर पद से 31 मई 2024 को इस्तीफा दिया।
वे रैनबैक्सी, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी एंटरप्रेन्योर्स, वेल्थी थेरेप्यूटिक्स, एथ्रिस, और अचिरा लैब्स जैसे संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी, MIT से मास्टर्स, और IIT दिल्ली से बायो-केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और स्नातकोत्तर किया है।

डेरा का सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव

डेरा ब्यास का पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत में गहरा सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता डेरा का दौरा कर चुके हैं।
उत्तराधिकारी की यह घोषणा खास मायने रखती है, क्योंकि हाल ही में हरियाणा के डेरा जगमालवाली में उत्तराधिकारी विवाद के चलते दो गुट बन गए थे।

स्वास्थ्य संबंधी चिंता

सूत्रों के अनुसार, बाबा गुरिंदर सिंह कैंसर और हृदय रोग से पीड़ित हैं। ऐसे में डेरा की आगे की नेतृत्व व्यवस्था को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।

बाबा जी की अमृतसर यात्रा ने एक बार फिर डेरा ब्यास के भविष्य को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को हवा दे दी है।

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