सुखना लेक में घटा जलस्तर: गर्मी से सूख रही झील, प्रशासन ने उठाए कदम

चंडीगढ़, 15 जून 2025:
चंडीगढ़ की पहचान बनी सुखना लेक पर इस बार की भीषण गर्मी का सीधा असर साफ दिखने लगा है। लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते झील का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जिससे कई हिस्सों में झील की सतह बाहर आ गई है।
जलस्तर में एक फीट की गिरावट
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15 मई को जलस्तर था: 1157 फीट
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अब घटकर रह गया है: 1156.35 फीट
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जबकि आदर्श जलस्तर: 1163 फीट माना जाता है
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के कारण पानी वाष्प बनकर उड़ रहा है, जिससे जलस्तर में कमी आ रही है। हालांकि, बोटिंग फिलहाल संभव है और घबराने की जरूरत नहीं है।
ऐसा पहले भी हो चुका है
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2016 में जलस्तर 1153 फीट तक गिर गया था
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2015 में तो यह 1152 फीट से भी नीचे चला गया था
इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल गर्मियों में ऐसा बदलाव सामान्य प्रक्रिया है।
डी-सिल्टिंग का सही समय
इस समय सुखना लेक के कई हिस्से सूख गए हैं, जिससे झील की सफाई और गाद हटाने (डी-सिल्टिंग) के लिए यह सही मौका माना जा रहा है।
प्रशासन ने इस दिशा में तेजी से कार्य शुरू कर दिया है ताकि बरसात से पहले झील की क्षमता बढ़ाई जा सके।
5 साल की संरक्षण योजना लागू
सुखना लेक को दीर्घकालिक रूप से संरक्षित करने के लिए प्रशासन ने 5 साल की योजना बनाई है, जिसमें:
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झील के चारों ओर सफाई अभियान
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पानी की गुणवत्ता सुधारने के उपाय
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अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्त नियंत्रण
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वेटलैंड को संरक्षित करने के लिए वेटलैंड अथॉरिटी का गठन (जिसकी अध्यक्षता चंडीगढ़ के प्रशासक करेंगे)
सुखना लेक: एक नजर में
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स्थापना वर्ष: 1958
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क्षेत्रफल: 338 एकड़
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लंबाई: 1.52 किमी
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चौड़ाई: 1.49 किमी
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गहराई: लगभग 5 मीटर
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मुख्य जलस्रोत: सिर्फ मानसून का वर्षा जल










