पंजाब में 866 करोड़ की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़, फर्जी कंपनियों का नेटवर्क हुआ उजागर

पंजाब में 866 करोड़ की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़, फर्जी कंपनियों का नेटवर्क हुआ उजागर

पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 2 जुलाई 2025 — पंजाब सरकार के वित्त विभाग ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 20 ऐसी फर्मों को बेनकाब किया है जो करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी में लिप्त थीं। इन फर्मों ने बेहद सुनियोजित तरीके से एक फर्जी नेटवर्क तैयार किया था, ताकि असली संचालकों की पहचान न हो सके।

मजदूरों और बेरोजगारों का किया इस्तेमाल
आरोपियों ने सबसे पहले आम मजदूरों और बेरोजगार युवाओं को टारगेट किया। उन्हें 800 रुपए की दिहाड़ी का लालच देकर उनके पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल किए। दस्तावेज लेने के बहाने यह कहा गया कि उनके खातों में पेमेंट की जाएगी। बाद में इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी नामों से कंपनियों का गठन किया गया और उन्हें जीएसटी में पंजीकृत कराया गया।

866 करोड़ का खुलासा, टैक्सी सेवाओं के नाम पर सबसे बड़ी धोखाधड़ी
अब तक की जांच में कुल 866 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। इसमें केवल टैक्सी सेवाओं के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े की राशि ही 157.22 करोड़ रुपए बताई गई है।

लुधियाना के अकाउंटेंट की मुख्य भूमिका
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि लुधियाना के एक अकाउंटेंट ने इस घोटाले की शुरुआत 2023 में की थी और अब तक अकेले 157.22 करोड़ का फर्जी टैक्स क्रेडिट क्लेम कर चुका है।

वित्त विभाग के अनुसार, वर्ष 2023-24 में आरोपियों ने 249 करोड़ रुपए का नकली लेनदेन दिखाकर 45.12 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया। वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 569.54 करोड़ तक पहुंचा, जिसमें 104.08 करोड़ का ITC लिया गया। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ मौजूदा वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में ही 47.25 करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाकर 8.01 करोड़ रुपए का ITC क्लेम किया गया।

जांच में मिले अहम सबूत
अब तक की छापेमारी में 40 लाख रुपए नकद, फर्जी बिल बुक्स और बिना साइन की चेक बुक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। लुधियाना में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह की तलाश जारी है।

मां दुर्गा रोड लाइनस पर भी केस दर्ज
ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। मां दुर्गा रोड लाइनस नामक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 168 जाली ईवे बिल बनाकर धोखाधड़ी करने का आरोप है। इन ईवे बिल्स में लुधियाना से दिल्ली तक सामान की आवाजाही दिखाई गई, जबकि कोई वाहन पंजाब से बाहर गया ही नहीं।

जांच एजेंसियां सतर्क, और भी नाम जल्द होंगे उजागर
वित्त विभाग व टैक्सेशन एजेंसियों की नजर अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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