स्पाइसजेट की लापरवाही पर कंज्यूमर कोर्ट का सख्त फैसला – यात्री को ₹10,000 हर्जाना देने का आदेश

स्पाइसजेट की लापरवाही पर कंज्यूमर कोर्ट का सख्त फैसला – यात्री को ₹10,000 हर्जाना देने का आदेश

चंडीगढ़ कंज्यूमर कोर्ट - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़ | 14 जुलाई 2025:
चंडीगढ़ की कंज्यूमर कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पाइसजेट एयरलाइंस को सेवा में कोताही का दोषी ठहराया है और यात्री को ₹10,000 हर्जाना देने का आदेश दिया है। यह आदेश यात्री का सामान गलत स्थान पर भेजे जाने के मामले में सुनाया गया।

क्या है मामला?

शिकायतकर्ता साहब पायल, निवासी सेक्टर-47C, चंडीगढ़, गुजरात फ्लाइंग स्कूल वडोदरा में परीक्षा देने के लिए दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ान से यात्रा कर रहे थे। उन्होंने टिकट स्पाइसजेट से बुक किया, लेकिन अहमदाबाद पहुंचने पर पाया कि उनका सामान वहां नहीं पहुंचा

जब उन्होंने एयरलाइंस को सूचित किया, तो उन्हें बताया गया कि सामान गलती से बैंगलोर भेज दिया गया है और दो दिन में लौटा दिया जाएगा। इस वजह से उन्हें बिना सामान वडोदरा के लिए रवाना होना पड़ा, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और असुविधा झेलनी पड़ी।

एयरलाइंस की सफाई

स्पाइसजेट ने कोर्ट में दलील दी कि

  • वायु परिवहन अधिनियम 2012, नियम 13(3) के अनुसार,

  • यदि सामान 7 दिनों के भीतर लौटाया जाता है, तो इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।

  • उन्होंने दावा किया कि सामान 2 दिन में लौटा दिया गया, इसलिए कोई हर्जाना नहीं बनता।

कोर्ट का सख्त रुख

हालांकि, कंज्यूमर कोर्ट ने एयरलाइंस की यह दलील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि:

“यात्री को तय समय पर जरूरी परीक्षा देने के लिए वडोदरा जाना था, और बिना सामान के यात्रा करना गंभीर असुविधा और मानसिक तनाव का कारण बना। यह साफ तौर पर सेवा में लापरवाही है।”

इसके बाद कोर्ट ने एयरलाइंस को ₹10,000 का हर्जाना अदा करने का आदेश दिया।


क्या कहता है यह मामला?

यह फैसला उन यात्रियों के लिए मिसाल है जो एयरलाइंस की लापरवाही से परेशान होते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं करते। यह दिखाता है कि उपभोक्ता अदालतें ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती हैं और न्याय दिला सकती हैं

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