मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में बैलगाड़ी दौड़ की बहाली के सम्मान समारोह में की शिरकत, विरोधियों पर कसा तंज
लुधियाना, 29 जुलाई 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज लुधियाना के महिमा सिंह वाला गांव पहुंचे, जहां बैलगाड़ी दौड़ की बहाली को लेकर एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की और साथ ही पुरानी सरकारों पर निशाना भी साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किला रायपुर के ये पारंपरिक खेल 1933 से लगातार हो रहे हैं, और उनकी सरकार इन खेलों को रोकने का अधिकार नहीं रखती। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार विरासत को संभालने वाली पहली सरकार है। पहले की सरकारें सरकारी संस्थानों को घाटे में दिखाकर बेच देती थीं, लेकिन हम प्राइवेट संस्थानों को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
विरोधियों पर तंज करते हुए मुख्यमंत्री ने किया कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने अपने विरोधियों पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “ये तो राजे हैं, गनमैनों के साथ स्कूलों में जाते रहे हैं। धर-उधर घूमते रहते हैं। इनके पिता ने कुछ बना लिया, इन्हें तो खुद कुछ पता ही नहीं है। बस यहां-वहां चक्कर लगाते रहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम आधे से ज्यादा लोग पंचर ही लगा लेते हैं। शर्त लगा लो और पूछो कि पंचर लगाने में क्या प्रयोग होता है- इन्हें कुछ नहीं पता। इनके और हमारे बीच का यही अंतर है। हमारी तो भगवान ने रेती लगाकर रगड़ाई की है।”
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खेतों ने भी किया अहम एलान
समारोह में पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खेतों ने भी हिस्सा लिया और बताया कि अब सरकार विरासती खेलों के तहत कुत्तों और कबूतरों के खेलों की भी अनुमति देगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इन आयोजनों में नशे का कोई स्थान नहीं होगा। मंत्री ने संबंधित एसोसिएशनों से आग्रह किया कि वे इन गतिविधियों पर खुद भी नजर रखें और नशे से संबंधित किसी भी चीज़ को बढ़ावा न दें।