हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर: मंडी में बादल फटा, कोल-डैम से छोड़ा गया पानी, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन बाधित

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बीती रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडी जिले में हालात बेहद गंभीर हैं। चच्योट के कटवानी नाले में सुबह 6 बजे बादल फटने से एक तीन कमरों का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि परिवार के सभी सदस्य समय रहते घर से बाहर निकल गए और जान बचाने में सफल रहे, लेकिन सारा सामान तेज बहाव में बह गया।
मंडी में 151 मिमी बारिश, लैंडस्लाइड और सड़कें अवरुद्ध
मंडी में बीते 24 घंटों में 151 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन का 4 मील, 9 मील और कैंचीमोड़ के पास हिस्सा भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।
कोल-डैम से छोड़ा गया पानी, सतलुज का जलस्तर बढ़ा
कोल-डैम प्रबंधन ने भारी बारिश के चलते डैम में पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए सुबह 8:45 बजे पानी छोड़ा। इससे सतलुज नदी का जलस्तर 4 से 5 मीटर तक बढ़ गया है। प्रशासन ने पंजाब और हिमाचल के लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारे न जाने की अपील की है।
ब्यास नदी पर बने पंडोह डैम से भी छोड़ा जाएगा पानी
कोल-डैम के बाद अब पंडोह डैम से भी कुछ ही देर में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे ब्यास नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की आशंका है। संबंधित जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट:
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ऑरेंज अलर्ट: ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों के लिए जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना है।
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येलो अलर्ट: हमीरपुर, मंडी और सिरमौर जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है।
प्रशासन की अपील:
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नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
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अनावश्यक यात्रा से बचें।
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प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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स्थानीय अलर्ट और रेडियो/न्यूज अपडेट्स पर नजर रखें।










