सिद्धू मूसेवाला की मूर्ति पर फायरिंग से गुस्से में परिवार, मां चरण कौर बोलीं- “हमारे बेटे की याद पर हमला, आत्मा पर जख्म है”
डबवाली/चंडीगढ़ – पंजाबी संगीत जगत के दिग्गज और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की याद में हरियाणा के डबवाली में स्थापित की गई मूर्ति पर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना ने उनके परिवार और प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है। अज्ञात हमलावरों ने रात के अंधेरे में इस स्मारक पर गोलियां चला दीं, जिससे मूर्ति को नुकसान पहुंचा और इलाके में सनसनी फैल गई।
इस शर्मनाक घटना पर मूसेवाला की मां चरण कौर ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “हमारे बेटे की याद पर हमला, हमारी आत्मा पर जख्म है।”
चरण कौर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कुछ लोग न केवल सिद्धू की मौत का अपमान कर रहे हैं, बल्कि अब उसकी स्मृति और विरासत को भी मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जिस मूरत पर गोली चलाई गई, वो सिर्फ पत्थर नहीं थी, बल्कि सिद्धू से लोगों के प्यार और सम्मान की निशानी थी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धू उन लोगों की आवाज था जो दबाए जाते रहे, और अब जब वह इस दुनिया में नहीं है, तब भी उसे “चुप करवाने की कोशिश की जा रही है।” चरण कौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “वो एक लहर था, जो हमेशा जिंदा रहेगी। हमारी चुप्पी हमारी हार नहीं है। हर किसी को उसके किए की सजा एक दिन जरूर मिलेगी।”
परिवार पहले भी उठा चुका है कानून व्यवस्था पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब मूसेवाला का परिवार न्याय और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख रहा है। गायक की हत्या के बाद से ही परिवार कई बार पुलिस और सरकार से न्याय की गुहार लगा चुका है। अब मूर्ति पर हमले ने फिर से कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
फायरिंग की यह घटना हरियाणा के डबवाली क्षेत्र में तीन दिन पहले हुई। हमलावरों ने स्मारक स्थल पर रात में हमला किया और मौके से गोलियों के खोल भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस घटना के बाद सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसकों में भारी रोष देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एक प्रतीक पर हमला, एक भावना पर वार
सिद्धू मूसेवाला केवल एक गायक नहीं थे, वे युवाओं के लिए एक आवाज, एक भावना और एक विचारधारा बन चुके थे। उनकी याद में बनाए गए स्मारक पर हमला न सिर्फ एक मूर्ति पर, बल्कि उस विचार और जुड़ाव पर भी चोट है जिसे लाखों लोग दिल से महसूस करते हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों को जल्द पकड़कर मूसेवाला के परिवार व प्रशंसकों को न्याय दिलाने में कितना सफल होता है।