पंजाब सरकार ने 504 नए पटवारियों को दिए नियुक्ति पत्र, पारदर्शिता और ईमानदारी से काम करने की नसीहत

पंजाब सरकार ने 504 नए पटवारियों को दिए नियुक्ति पत्र, पारदर्शिता और ईमानदारी से काम करने की नसीहत

पंजाब सरकार के मंत्री हरदीप मुंडिया नव नियुक्त पटवारियों को नियुक्ति पत्र देते हुए। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 11 अगस्त 2025:
पंजाब सरकार ने मिशन रोजगार के तहत आज एक और बड़ा कदम उठाते हुए 504 नए पटवारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन सभी पटवारियों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है, जिसमें उन्हें आधुनिक तकनीकों, डिजिटल भू-रिकॉर्ड प्रबंधन और पारदर्शी सिस्टम से काम करने की जानकारी दी गई है। अब ये सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यभार संभालेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने नए पटवारियों को बधाई देते हुए कहा कि अब समय बदल गया है। “पहले लोग पटवारियों से डरते थे, लेकिन अब सरकार का फोकस पारदर्शिता और लोगों की सेवा पर है। आपने अब गांवों में सरकार की जिम्मेदारी संभाली है, इसलिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करें।”

मुंडिया ने यह भी कहा कि अगर किसी पटवारी को छह महीने बाद ट्रांसफर की जरूरत महसूस हो, तो उसका विकल्प रहेगा, लेकिन अभी उन्हें वहीं पूरी लगन से सेवा करनी चाहिए जहां उन्हें नियुक्त किया गया है। उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि “पुराने भ्रष्टाचारियों से दूरी बनाकर रखें, क्योंकि अब सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।”

प्रशासनिक सचिव अनुराग वर्मा ने भी नियुक्त पटवारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गांवों में आप सरकार के प्रतिनिधि हैं। “लोगों की उम्मीदें आपसे जुड़ी हैं, इसलिए अपने काम को ईमानदारी, तटस्थता और संवेदनशीलता से करें।”


रजिस्ट्री क्लर्कों और राजस्व अधिकारियों पर भी कार्रवाई के संकेत

कार्यक्रम के दौरान मंत्री मुंडिया ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के व्यापक स्तर पर ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी कॉलोनाइजर्स से मिलकर काम कर रहे थे, जिससे आम लोग परेशान हो रहे थे। इसी वजह से उन्हें दूर-दराज स्थानों पर भेजा गया है।

अब रजिस्ट्री क्लर्कों की भी समीक्षा की जा रही है और जल्द ही उनके ट्रांसफर किए जाएंगे ताकि भ्रष्टाचार के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।


ईमानदारी से जीवन जीने की सीख

अपने संबोधन में मुंडिया ने नए पटवारियों को एक व्यावहारिक सलाह भी दी। उन्होंने कहा, “जितना वेतन मिलता है, उसी में गुजारा करें। रिश्वत से घर में सुख नहीं आता, उलझन आती है।” उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि अधिकारी भी इज्जत से जिएं और जनता भी राहत महसूस करे।

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