शिरोमणि अकाली दल के बाद अब वारिस पंजाब दे ने भी उपराष्ट्रपति चुनाव का किया बहिष्कार
देश के उपराष्ट्रपति चुनाव के बीच राजनीतिक हलचलों में नया मोड़ आया है। शिरोमणि अकाली दल के बाद अब वारिस पंजाब दे ने भी इस चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी के फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने मतदान से साफ इनकार कर दिया है।
सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने इस बाबत जानकारी देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर एक पोस्ट भी डाली है। उन्होंने कहा कि इस समय उनकी प्राथमिकता पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद करना है, इसलिए वे चुनाव में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
अमृतपाल सिंह की स्थिति
खडूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह फिलहाल डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। करीब आठ दिन पहले निर्वाचन आयोग ने उन्हें उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान की अनुमति दी थी। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संदर्भ में गृह मंत्रालय और असम सरकार के मुख्य सचिव को मतदान की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए थे।
निर्वाचन आयोग ने कहा था कि अमृतपाल सिंह द्वारा भरा गया डाक मतपत्र विशेष दूत के माध्यम से हवाई मार्ग से डिब्रूगढ़ से भेजा जाए, ताकि यह 9 सितंबर 2025 शाम 6 बजे से पहले निर्वाचन अधिकारी तक पहुंच सके। संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था के लिए तुरंत कदम उठाने और आयोग को पूरी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए थे।
राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ
वारिस पंजाब दे का यह कदम पंजाब में आई भीषण बाढ़ की स्थिति को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस मुश्किल वक्त में चुनाव से हटकर सीधे राहत और बचाव कार्यों पर ध्यान देना उनकी प्राथमिकता है।
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर ऐसे बहिष्कार से चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।